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15 मिनट में 1500km, जिसे रडार भी नहीं पकड़ पाएंगे... कर्तव्य पथ पर गूंजेगी 'हाइपरसोनिक' दहाड़!

 Reported By: Manish Prasad Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Jan 23, 2026 05:53 pm IST,  Updated : Jan 23, 2026 05:54 pm IST

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारत के स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन से दुनिया के कई देश चौंक गए थे। भारत की जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह हो गए थे। अब भारत की एक नई मिसाइल ने रक्षा जगत में हलचल मचा दी है। इस मिसाइल का नाम है LRAShM

लॉन्ग एंटी-शिप...- India TV Hindi
लॉन्ग एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल Image Source : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुदर्शन चक्र के लिए देश को तैयारी करने की बात कही है और इसीलिए अब आत्मनिर्भरता के साथ DRDO पूरी मुस्तैदी के साथ अलग-अलग बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। मिसाइल फ़ोर्स रॉकेट फोर्स में शामिल होने वाली मिसाइल चौकी सुदर्शन चक्र का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

तूफानी रफ्तार वाली भारत की एंटी शिप मिसाइल

DRDO की तरफ से बनाई गई लॉन्ग एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। एलआर-एएसएचएम एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जो स्थिर और गतिमान दोनों प्रकार के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है तथा विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन की गई है।

  1. ये 1500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइल है और दुश्मन के जहाजों को पूरी तरह से खत्म कर सकता है।
  2. यह मिसाइल हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरती है, यानी इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से कई गुना अधिक होती है।
  3. इसको इस समय हैदराबाद की DRDO की आर सी आई लैब में तैयार किया जा रहा है।
  4. ये आसानी से दुश्मन के रडार को धोखा दे सकता है और दुश्मन के युद्धपोत को तबाह कर सकता है अभी इसका नेवल वर्जन है लेकिन आने वाले टाइम पर और इसे तैयार किया जाएगा। 

बता दें कि पहली बार कर्तव्य पथ पर देश के सामने इसकी पहली झलक दिखाई देगी। इसका मकसद बिलकुल साफ है देश को मजबूत और सशक्त बनाना।

प्रलय मिसाइल

  • दूसरी मिसाइल प्रलय हैं जिसकी मारक क्षमता 150 किलोमीटर से लेकर 500 किलोमीटर तक है।
  • प्रलय को DRDO के अंदर ही तैयार किया गया है। ये इस समय पूरी तरह से तैयार है। इसकी रेंज को और बढ़ाया जा सकता है।
  • यह उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है, जिससे यह इंटरसेप्टर मिसाइलों को चकमा देने में पूरी तरह सक्षम है। 
  • इसका मकसद है दुश्मन के रडार से लेकर एयर स्ट्रिप तक सबको तबाह कर देना, वो भी पलक झपकते ही।
  • इसे लॉन्चर की मदद 1 जगह से फायर करके दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।
  • ये दुश्मन की आंखों के सामने बिना अपना काम कर देगी।

pralay missile
Image Source : REPORTER INPUTप्रलय मिसाइल

आकाश नेक्स्ट जनरेशन मिसाइल

अब हम आपको बताते हैं आकाश नेक्स्ट जनरेशन मिसाइल यानी आकाश-एनजी के बारे में। इस समय ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश ने अपना दमखम दिखाया और पाकिस्तान से आने वाले हर एरियल थ्रेट को ध्वस्त किया इसीलिए अब आकाश प्राइम और आकाश नेक्स्ट जनरेशन 1 गेम चेंजर के रोल पर है। यह 100 से ज्यादा टारगेट को देख सकता है और 10 टारगेट को ध्वस्त कर सकता है।

अस्त्र मिसाइल

इसमें सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है सुखोई-30 और तेजस के साथ इंटीग्रेटेड होकर चलने वाले अस्त्र मिसाइल की।

  • अस्त्र मिसाइल जिसकी रेंज करीबन 110-120 किलोमीटर है।
  • उसके बाद अस्त्र-2 मिसाइल जिसकी रेंज करीब 220 किलोमीटर के लगभग है।
  • ये गेम चेंजर के रोल में हैं और इसकी पूरी तैयारी की जा रही है।

ये सभी मिसाइल्स देश में ही तैयार हो रही है। इनका मकसद बिलकुल साफ है कि रडार और अलग-अलग लेवल के सिस्टम के साथ मिलकर एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार करना जो भारतीय सेना की मिसाइल फ़ोर्स और रॉकेट फ़ोर्स को बढ़ाए। साथ में सुदर्शन चक्र प्रधानमंत्री का जो विज़न है उसको पूरा करें ताकि देश के खिलाफ कोई भी दुश्मन ना देख सके।

DRDO की जादुई मिसाइलों की दिखेगी झांकी

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारत के स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन से दुनिया के कई देश चौंक गए थे। भारत की जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह हो गए थे। पाकिस्तान अभी भी इसे भुला नहीं पाया है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर की चोट खाए पाकिस्तानी आर्मी चीफ की रात की नींद उड़ वाली है क्योंकि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एयर-टू-एयर मिसाइलों की झांकी कर्तव्य पथ पर दिखेगी।

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