टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर छंटनी की आहट तेज हो गई है। दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) हजारों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले हफ्ते से बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर सकती है। इस खबर के बाद ग्लोबल टेक सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह छंटनी अमेज़न की कॉरपोरेट वर्कफोर्स को प्रभावित करेगी, जिसमें करीब 3.5 लाख कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी की योजना लगभग 30,000 कॉरपोरेट वर्कर्स की संख्या घटाने की है। हालांकि, छंटनी का पूरा दायरा अभी साफ नहीं है और कंपनी की रणनीति में बदलाव भी हो सकता है। वहीं, एक रिपोर्ट बताती है कि अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल, प्राइम वीडियो और ह्यूमन रिसोर्सेज जैसे अहम डिवीज़न इस कटौती की चपेट में आ सकते हैं। इसका असर अमेरिका के साथ-साथ भारत समेत अन्य देशों में भी देखने को मिल सकता है।
लागत घटाने और AI पर फोकस
कुछ महीने पहले ही अमेज़न ने 14,000 पदों को खत्म करने का ऐलान किया था। उस समय कंपनी ने यह भी संकेत दिया था कि 2026 तक और छंटनी हो सकती है। अमेजन का कहना है कि यह कदम संगठन को ज्यादा चुस्त बनाने, अनावश्यक मैनेजमेंट लेयर्स कम करने और लागत में कटौती के लिए उठाया जा रहा है। कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निवेश कर रही है। इसके चलते जहां एक ओर AI और डेटा से जुड़े पदों पर भर्तियां हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक भूमिकाओं में काम कर रहे कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है।
15.7 लाख कर्मचारियों वाली कंपनी
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक अमेजन में कुल करीब 15.7 लाख कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से बड़ी संख्या वेयरहाउस से जुड़ी है। इससे पहले 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत में भी कंपनी लगभग 27,000 कर्मचारियों को निकाल चुकी है।
पूरे टेक सेक्टर में छंटनी का दौर
अमेज़न अकेली कंपनी नहीं है। पूरी टेक इंडस्ट्री इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। एक तरफ AI को भविष्य मानकर कंपनियां नई रणनीति अपना रही हैं, तो दूसरी ओर हजारों कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं। ऐसे में अमेज़न की यह छंटनी टेक सेक्टर में बढ़ते असुरक्षा के माहौल को और गहरा करती नजर आ रही है।






































