घरेलू शेयर बाजार में बीते तीन दिनों से चली आ रही गिरावट गुरुवार को थम गई है। शेयर बाजार तेज उछाल के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स कारोबारी सत्र के आखिर में 397.74 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,307.37 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 132.40 अंक या 0.53 प्रतिशत चढ़कर 25,289.90 पर बंद हुआ। आज कुल 2,803 शेयरों में तेजी, 1,235 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 146 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। इससे बाजार में समग्र मजबूती का संकेत मिला।
सबसे ज्यादा ये शेयर चढ़े
आज निफ्टी में कारोबार के दौरान डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज और टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, इटरनल, आइशर मोटर्स, टाइटन कंपनी और जियो फाइनेंशियल के शेयर दबाव में रहे और नुकसान के साथ बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। एफएमसीजी, आईटी, मेटल, मीडिया, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली, जहां बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1-1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
लेमॉन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय संघ पर प्रस्तावित टैरिफ को वापस लेने और भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक बयान दिए जाने से बाजार की धारणा मजबूत हुई। इसके चलते निवेशकों में शॉर्ट कवरिंग के साथ-साथ जोखिम लेने का रुझान देखने को मिला। उधर, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि कॉरपोरेट आय के शुरुआती आंकड़े मौजूदा वैल्यूएशन को मजबूती देने में खास सहायक नहीं रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत घरेलू मांग से संभावित बढ़त की उम्मीद निवेशकों के बीच बनी हुई है, जो आगामी तिमाही नतीजों के साथ और साफ हो सकती है।
रुपये में मामूली रिकवरी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपये में मामूली रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार को रुपया 3 पैसे की बढ़त के साथ 91.62 (प्रोविजनल) पर बंद हुआ। बाजार में यह सुधार आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के चलते दर्ज किया गया। फॉरेक्स बाजार के जानकारों के मुताबिक, डावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बाजार की धारणा को समर्थन मिला। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ग्रीनलैंड समझौते के लिए एक ढांचा तैयार हो चुका है और 1 फरवरी से लागू होने वाले टैरिफ को लागू नहीं किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम धारणा में सुधार हुआ।

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.54 पर खुला और कारोबार के दौरान 91.48 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, एक समय यह 91.68 के निचले स्तर तक भी फिसला, लेकिन अंत में 91.62 पर बंद हुआ, जो इसके रिकॉर्ड निचले स्तर से 3 पैसे की मजबूती को दर्शाता है। बुधवार को रुपया 68 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.65 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल के वायदा भाव में गिरावट
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच कच्चे तेल के वायदा भाव में गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को ओवरसप्लाई की आशंकाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव रहा, जिसका असर घरेलू वायदा बाजार पर भी पड़ा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी डिलीवरी वाले कच्चे तेल के वायदा भाव 35 रुपये या 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,534 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार करते नजर आए। इस दौरान इसमें 14,742 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया।






































