सेंसेक्स की सक्रियता और बड़े स्टार्टअप में तकनीकी और वित्तीय क्षेत्रों के मूवमेंट के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया। निफ्टी के ट्रेडिंग सेंटीमेंट और सेंसेक्स की धारणा पर असर पड़ा है।
सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले हफ्ते भी घरेलू शेयर बाजार में भारी-भरकम गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, निवेशकों ने आज राहत की सांस ली है।
घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को वापसी की है। निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ता दिख सकता है। शुरुआती सत्र में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1% से ज्यादा की तेजी से दर्ज की गई है।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1352.74 अंकों (1.71 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,566.16 अंकों पर बंद हुआ।
शेयर बाजार ने लाखों करोड़ों निवेशकों को आज जोरदार झटका दे दिया है। उनकी गाढ़ी कमाई डूब गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण तमाम स्टॉक्स में भारी गिरावट का रूख है।
घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान होने की आशंका है। क्रूड ऑयल में भी आज जबरदस्त उबाल है, जिसका असर बाजार पर देखा जा रहा है।
पिछले हफ्ते बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 2368.29 अंकों (2.91 प्रतिशत) की भयावह गिरावट दर्ज की गई थी। इस दौरान, भारतीय स्टेट बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
अमेरिका इजरायल का ईरान के साथ जारी संघर्ष शेयर बाजार पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती सत्र में लगभग 1126 शेयर बढ़े, 401 शेयर गिरे, और 118 शेयर बिना किसी बदलाव के रहे।
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले से पूरा मिडिल ईस्ट भारी युद्ध के दायरे में आ गया है। बड़े हमलों ने निवेशकों को चिंता में ला दिया है।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 3 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी की सभी 27 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
आज शेयर बाजार में मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई मोटर इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीवीएस मोटर कंपनी, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी जैसे स्टॉक्स पर फोकस रहेगा।
दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन ने कहा कि मिडल-ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से घरेलू बाजार में अगले 3 से 4 दिनों तक गिरावट देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी आंकड़े और भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में भारी उठा-पटक देखने को मिल रहा है। निवेशकों को इससे बड़ा झटका लगा है और लाखों करोड़ रुपये का झटका लगा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव बाजार को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। अमेरिका-ईरान की बातचीत बिना किसी अंतिम फैसले के खत्म हो गई।
निफ्टी 50 की 50 में से सिर्फ 7 कंपनियों के स्टॉक्स ही तेजी के साथ हरे निशान में खुले और बाकी की सभी 43 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में खुले।
अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच, 25 फरवरी को भारतीय इंडेक्स बढ़त के साथ खुले और निफ्टी 25500 के ऊपर पहुंच गया।
मंगलवार को सुबह 09.27 बजे, सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 8 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि बाकी की सभी 22 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में थे।
पिछले हफ्ते शुक्रवार को सेंसेक्स 316.57 अंकों (0.38%) की तेजी के साथ 82,814.71 अंकों पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 116.90 अंकों (0.46%) की बढ़त के साथ 25,571.25 अंकों पर बंद हुआ था।
शेयर बाजार ने आज सुबह सत्र की शुरुआत लाल निशान में की थी। हालांकि बाद में बाजार काफी तेज चढ़ा और दिनभर के काफी उतार-चढ़ाव के बाद इस लेवल पर टिका।
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