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गाड़ी बेचने के लिए नहीं मिलेगा NOC, फिटनेस और परमिट भी नहीं होगा रिन्यू- ऐसे लोगों के लिए बने नए नियम

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 20, 2026 10:37 pm IST,  Updated : Jan 20, 2026 10:37 pm IST

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है।

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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचित किया संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 Image Source : PTI

बैरियर-मुक्त टोलिंग व्यवस्था लागू करने की दिशा में अगला कदम उठाते बुए सरकार ने टोल के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब से किसी भी गाड़ी को बेचने या फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए सभी टोल का भुगतान करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आपकी गाड़ी पर टोल टैक्स का बकाया है तो पहले आपको टोल का पूरा भुगतान करना होगा, उसके बाद ही आपको गाड़ी बेचने के लिए NOC मिलेगी और फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा। अगर आप बकाया टोल टैक्स का भुगतान नहीं करते हैं तो न आपको गाड़ी बेचने के लिए NOC मिलेगी और न ही आपकी गाड़ी के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट मिलेगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचित किया संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि टोल प्लाजा पर देय सभी बकाया टोल टैक्स चुकाए जाएं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "इन संशोधनों का उद्देश्य उपयोग शुल्क अनुपालन में सुधार करना, इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह की दक्षता बढ़ाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल चोरी को रोकना है।" मंत्रालय ने कहा कि 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (एमएलएफएफ) सिस्टम लागू होने के बाद भी ये प्रावधान उपयोग शुल्क संग्रह (यूजर फीस कलेक्शन) को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। इस सिस्टम के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर बिना किसी बैरियर के टोल वसूली की जाएगी। 

कमर्शियल गाड़ियों के लिए भी अनिवार्य होगा टोल टैक्स का पूरा भुगतान

कमर्शियल गाड़ियों के मामले में अगर किसी व्यक्ति ने बकाये टोल का भुगतान नहीं किया तो वह न तो अपना परमिट रिन्यू करा पाएगा, न नए परमिट के लिए आवेदन कर पाएगा, न गाड़ी बेच पाएगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू करा पाएगा। संशोधित नियमों के तहत ‘अपूर्ण उपयोग शुल्क’ की एक नई परिभाषा जोड़ी गई है। ये ऐसा शुल्क होगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किसी हिस्से के उपयोग के लिए देय है, जहां इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली ने गाड़ी की आवाजाही दर्ज की हो, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित शुल्क प्राप्त नहीं हुआ हो। 

फॉर्म 28 में भी किए गए बदलाव

इसके साथ ही फॉर्म 28 में भी संबंधित बदलाव किए गए हैं। अब इस फॉर्म में आवेदक को ये खुलासा करना होगा कि गाड़ी के खिलाफ किसी टोल प्लाजा पर अपूर्ण उपयोग शुल्क की मांग लंबित है या नहीं। साथ ही उसका विवरण भी देना होगा। डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हुए नियमों में नामित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए फॉर्म 28 के प्रासंगिक हिस्सों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने का प्रावधान भी किया गया है। फॉर्म 28 गाड़ी को बेचने के बाद दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर करने के लिए एक जरूरी दस्तावेज है, जो ये प्रमाणित करता है कि गाड़ी पर कोई पेंडिंग टैक्स, चालान या कानूनी अड़चन नहीं है। 

11 जुलाई, 2025 को जारी हुए थे मसौदा नियम

मंत्रालय ने बताया कि ये संशोधन 11 जुलाई, 2025 को जारी मसौदा नियमों पर हितधारकों और आम जनता से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अधिसूचित किए गए हैं। मसौदा अधिसूचना की प्रतियां 14 जुलाई, 2025 को सार्वजनिक की गई थीं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले कहा था कि 2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बैरियर-मुक्त टोलिंग प्रणाली लागू करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होगी। इसके लिए शुरुआती तौर पर 10 निविदा जारी किए गए हैं जिससे टोल वसूली की लागत 15 प्रतिशत से घटकर करीब तीन प्रतिशत रह जाएगी। 

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