देशभर में तेज रफ्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाए जा रहे एक्सप्रेसवे अब यात्रियों की जेब पर कम बोझ डालेंगे। केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे फीस नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए ऐलान किया है कि अगर कोई नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी लंबाई में चालू नहीं है, तो उस पर पूरे रूट का टोल नहीं वसूला जाएगा।
केंद्र सरकार हाईवे यात्रा को तेज, स्मार्ट और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। गुजरात में देश का पहला मल्टी-लेन बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसका ट्रायल 2 फरवरी से शुरू किया जाएगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल टैक्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए निर्माणाधीन नेशनल हाइवों पर यात्रियों को 70 प्रतिशत तक की छूट देने का फैसला किया है। यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जो रोजाना राष्ट्रीय राजमार्गों से सफर करते हैं।
भारत में ड्राइविंग करने वाले वाहन मालिकों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव आने वाला है। अगर आपने ई-चालान या टोल टैक्स नहीं भरा है, तो आपको नेशनल हाइवे पर गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं मिल सकती। केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र में मोटर व्हीकल एक्ट (MVA) में संशोधन की तैयारी कर रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पूर्वी उत्तर प्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी होगी। एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक कैमरे और हाईटेक सर्विस सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि टोल पर वाहनों का गुजरना आसान हो सके।
देश की सड़कों पर चलने वाले लाखों यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया कि अगले एक साल के भीतर टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट, आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स द्वारा प्रायोजित एक प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट है।
हाईवे पर सफर करने वाले लाखों ड्राइवरों के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अगर आप भी रोजाना टोल प्लाजा से गुजरते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार ने टोल टैक्स भुगतान के नियमों में बड़ा संशोधन किया है, जो 15 नवंबर से पूरे देश में लागू हो रहा है।
टोल के आस-पास के इलाके में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए रजिस्ट्रेशन और पास जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए,टोल प्लाजा के पास कई शिविर लगाए गए हैं।
NHAI के मुताबिक, पास से जुड़ी ये जानकारी टोल प्लाजा के एंट्री और एग्जिट पॉइंट, कस्टमर सर्विस वाली सभी जगहों सहित, सभी विजिबल लोकेशन पर साइनेज बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएगी।
यह पास एक बार ₹3,000 का शुल्क लेकर एक वर्ष की वैधता या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग्स की सुविधा प्रदान करता है। यह लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू होता है।
सरकार का ये नया नियम उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा, जिन लोगों की गाड़ियों पर फास्टैग नहीं है या बंद पड़ा है।
सरकार ने टोल वसूली को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए FASTag नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 15 नवंबर 2025 से बिना FASTag या खराब FASTag वाले वाहनों को डबल टोल नहीं देना होगा, बल्कि UPI से पेमेंट करने पर सिर्फ 1.25 गुना चार्ज लगेगा।
सीबीआईसी ने कहा कि शिकायत/सवाल एकीकृत शिकायत निपटान प्रणाली (INGRAM) पोर्टल पर भी जीएसटी से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
बैरियर-फ्री टोलिंग की दिशा में ये एक बड़ा कदम है जिससे फास्टैग के जरिए रुके बिना इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन संभव होगा।
15 अगस्त, 2025 से देशभर में शुरू हुआ फास्टैग एनुअल पास तेजी से खरीदा जा रहा है और इसका इस्तेमाल भी लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
FASTag Annual Pass एक सुविधाजनक विकल्प है, लेकिन इसे इस्तेमाल करते समय इन शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपको किसी तरह की परेशानी न हो।
Fastag Annual Pass के तहत वाहन चालकों को हर बार टोल चार्ज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे एक बार में सालभर का भुगतान कर सकते हैं। यह पास कैसे मिलेगा, कितना खर्च होगा, कौन-कौन से वाहन इसके दायरे में आएंगे, इन सभी सवालों के जवाब आपको पता होना जरूरी है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 1 अगस्त से टोल की वसूली शुरू हो गई है। इस एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर से भी टोल वसूला जा रहा है, इसलिए इनकी संख्या कम हो गई है।
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