नेशनल हाइवों पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। अक्सर लोग यह शिकायत करते रहे हैं कि सड़क निर्माण के दौरान भी पूरा टोल टैक्स वसूला जाता है, जबकि रास्ते पर जाम, धूल और असुविधाएं बनी रहती हैं। अब इसी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने टोल टैक्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव कर दिया है, जिससे यात्रियों की जेब पर बोझ काफी हद तक कम होगा।
निर्माण कार्य के दौरान मिलेगा सीधा फायदा
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन किया है। इसके तहत यदि किसी दो-लेन नेशनल हाइवे (पेव्ड शोल्डर सहित) को चार लेन या उससे ज्यादा चौड़ा किया जा रहा है, तो उस अवधि में वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख से लेकर परियोजना पूरी होने तक यात्रियों को तय टोल का सिर्फ 30 प्रतिशत ही देना होगा। यानी सीधे तौर पर 70 फीसदी की बड़ी छूट मिलेगी।
नया नियम कब से लागू
सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है और यह नया नियम नए साल से लागू हो चुका है। यह नियम केवल नई परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी मौजूदा नेशनल हाइवों पर भी लागू होगा, जहां दो-लेन सड़क को चार लेन या उससे ज्यादा में बदला जा रहा है।
देशभर में हजारों किलोमीटर सड़कें होंगी अपग्रेड
अधिकारियों के मुताबिक देश में करीब 25 से 30 हजार किलोमीटर लंबी दो-लेन नेशनल हाइवे सड़कों को चार लेन में अपग्रेड किया जाना है। इन परियोजनाओं पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि नेशनल हाइवों पर माल ढुलाई की हिस्सेदारी को मौजूदा 40 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी तक किया जाए।
चार लेन से छह या आठ लेन बनने पर भी राहत
संशोधित नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई चार लेन हाईवे छह या आठ लेन में बदला जा रहा है, तो उस दौरान यात्रियों को टोल टैक्स में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। ऐसे मामलों में वाहन चालकों को तय टोल का केवल 75 प्रतिशत ही चुकाना होगा।
पहले से लागू है एक और नियम
गौरतलब है कि टोल रोड की लागत पूरी हो जाने के बाद पहले से ही टोल टैक्स सिर्फ 40 प्रतिशत लेने का नियम लागू है। अब नए बदलावों के बाद निर्माण के दौरान भी यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।



































