देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप-25 कारों में टाटा मोटर्स की बेहद पॉपुलर कार TATA NEXON ने फरवरी महीने में बाजी मार ली। 19430 यूनिट की बिक्री के साथ टाटा नेक्सॉन देश की नंबर एक कार पर काबिज हुई। जारी आंकड़ों के मुताबिक, सालाना आधार पर टाटा नेक्सॉन की बिक्री में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ठीक एक साल पहले कंपनी ने कुल 15,349 कारों की बिक्री की थी। टॉप-25 में कई कारों की रैंकिंग में बदलाव देखा गया। हालांकि यह भी बता दें, कि सबसे कम बिकने वाली कारों में टाटा मोटर्स की TIAGO रही। फरवरी में सिर्फ 7000 टियागो कार की बिक्री हुई। आइए, यहां एक नजर टॉप-25 कारों और उसकी बिक्री पर डालते हैं।
किस कंपनी की कार कितनी बिकी
मारुति सुजुकी की बात करें तो कंपनी सबसे ज्यादा डिजायर की बिक्री की। 19,326 यूनिट की बिक्री के साथ यह कार टॉप-25 में दूसरे नंबर काबिज हुई। टॉप-10 बिकने वाली गाड़ियों में मारुति सुजुकी की छह कारों ने अपना स्थान बना लिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी रही महिंद्रा स्कॉर्पियो। फरवरी में कंपनी ने 14,665 यूनिट की बिक्री की। टॉप-10 कारों में हुंडई की एकमात्र कार क्रेटा जगह बना पाई।
फरवरी में सबसे ज्यादा बिकने वाली कार
| मॉडल | यूनिट्स |
|---|---|
| टाटा नेक्सन | 19,430 |
| मारुति सुजुकी डिजायर | 19,326 |
| टाटा पंच | 18,748 |
| हुंडई क्रेटा | 17,938 |
| मारुति सुजुकी ब्रेज़ा | 17,863 |
| मारुति सुजुकी अर्टिगा | 17,807 |
| मारुति सुजुकी वैगनआर | 14,885 |
| मारुति सुजुकी स्विफ्ट | 14,833 |
| महिंद्रा स्कॉर्पियो | 14,665 |
| मारुति सुजुकी बलेनो | 14,632 |
| मारुति सुजुकी फ्रोंक्स | 13,898 |
| मारुति सुजुकी विक्टोरिस | 13,021 |
| मारुति सुजुकी ईको | 11,620 |
| महिंद्रा थार | 11,047 |
| हुंडई वेन्यू | 10,494 |
| किआ सेल्टोस | 10,308 |
| महिंद्रा बोलेरो | 9,863 |
| मारुति सुजुकी ऑल्टो | 9,787 |
| किआ सोनेट | 9,750 |
| टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइडर | 9,359 |
| महिंद्रा XUV 7XO | 9,112 |
| टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस | 8,703 |
| महिंद्रा XUV 3XO | 8,637 |
| टाटा सिएरा | 7,100 |
| टाटा टियागो | 7,040 |
टाटा पंच ने पकड़ी अच्छी रफ्तार
टाटा मोटर्स की मिनी एसयूी पंच की भी फरवरी में अच्छी बिक्री हुई। 18748 यूनिट की बिक्री के साथ यह कार तीसरे नंबर पर रही। हालांकि सालाना आधार पर कार ने शानदार सपोर्ट हासिल किया है। बीते साल के मुकाबले पंच की बिक्री में 29 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।






































