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₹150000000000 की तगड़ी चपत... विमान हादसा और हवाई क्षेत्र बंद से इस एयरलाइन को हुआ भारी नुकसान

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jan 23, 2026 06:56 am IST,  Updated : Jan 23, 2026 06:56 am IST

भारतीय विमानन सेक्टर की उम्मीदों को 2025 का साल बड़ा झटका लगा है। एक ओर जहां एयरलाइंस महामारी के बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही थीं, वहीं एक बड़े विमान हादसे और अंतरराष्ट्रीय हालात ने देश की राष्ट्रीय पहचान बन चुकी एयर इंडिया की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।

एयर इंडिया को लगी अब तक...- India TV Hindi
एयर इंडिया को लगी अब तक की सबसे बड़ी चपत Image Source : ANI

भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए 2025 का साल मुश्किलों से भरा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा झटका एयर इंडिया को लगता नजर आ रहा है। एयरलाइन अब भारी घाटे के भंवर में फंस गई है। विमान हादसे, अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती ऑपरेशनल लागत ने मिलकर कंपनी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अनुमान है कि 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा वित्तीय वर्ष में एयर इंडिया को करीब 150 अरब रुपये (1.6 अरब डॉलर) का नुकसान हो सकता है।

हादसे से बड़ा झटका

इस बड़े घाटे की सबसे बड़ी वजह जून में हुआ वह दर्दनाक ड्रीमलाइनर विमान हादसा है, जिसमें 240 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे ने न सिर्फ इंसानी त्रासदी को जन्म दिया, बल्कि एयर इंडिया की साख और सालों की मेहनत पर भी गहरा असर डाला। टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन को उम्मीद थी कि वह इस साल घाटे से बाहर निकलने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगी, लेकिन हादसे ने उन उम्मीदों को झटका दे दिया।

हवाई क्षेत्र बंद असर

हालात तब और बिगड़ गए जब भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इसका सीधा असर एयर इंडिया की यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर पड़ा। अब विमानों को लंबे और महंगे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन खर्च और ऑपरेशनल लागत में भारी इजाफा हुआ। नतीजतन, पहले से दबाव में चल रही एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और कमजोर होती चली गई।

एविएशन सेक्टर संकट

यह साल सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए उथल-पुथल भरा रहा। लगातार उड़ानों में देरी, तकनीकी दिक्कतें और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन ने यात्रियों की परेशानी बढ़ाई। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारतीय बाजार में केवल दो बड़ी एयरलाइनों का मॉडल लंबे समय तक टिक पाएगा।

बोर्ड ने योजना रोकी

एयर इंडिया के प्रबंधन ने हाल ही में एक नई पांच साल की बिजनेस योजना तैयार की थी, जिसमें तीसरे साल तक मुनाफे में आने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, कंपनी के बोर्ड ने इस योजना को खारिज कर दिया और और ज्यादा तेज सुधार की जरूरत बताई। आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Tofler के अनुसार, एयर इंडिया ने पिछले तीन सालों में 322.1 अरब रुपये का कुल घाटा उठाया है। अक्टूबर में यह भी सामने आया था कि कंपनी ने करीब 100 अरब रुपये की एक्स्ट्रा फाइनेंशियल मदद मांगी थी।

नए CEO की तलाश

लगातार बढ़ते घाटे के बीच टाटा ग्रुप ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की तलाश शुरू कर दी है, जो मौजूदा CEO कैम्पबेल विल्सन की जगह ले सकते हैं। हालांकि, विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले इस प्रक्रिया के पूरा होने की संभावना कम है।

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