सबरीमला के प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर में सोने की चोरी से जुड़ी जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। केरल हाई कोर्ट की निगरानी में हो रही एसआईटी की जांच में अभी तक त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार सहित 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पद्मकुमार सत्तारूढ़ सीपीएम के जिला स्तरीय नेता भी हैं और चौंकाने वाली बात ये है कि अभी तक वो अपने पद पर बने हुए हैं। सीएम पिनरायी विजयन ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। यही बात इन आरोपों को तूल दे रही है कि सबरीमला सोना लूट में सत्तारूढ़ एलडीएफ भी शामिल हो सकती है।
हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही जाँच ने हाईकोर्ट को ये ऑब्सर्वेशन देने पर विवश कर दिया। जो बात सिर्फ मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे और द्वारपाल की मूर्तियों से सोना चुराने से शुरू हुई थी, वो अब मंदिर की संपत्ति को लूटने की एक गहरी साजिश के रूप में सामने आई है। कोर्ट ने यहां तक कहा कि जांच जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि एक सोची समझी साजिश के तहत मंदिरों की संपत्ति को हड़पने की प्लानिंग चल रही है।
केमिकल से सोना हटाया
मूल सोने की परत चढ़ी पवित्र कलाकृतियों को 2019 में मरम्मत और बहाली की आड़ में हटा दिया गया था। इनमें द्वारपालक (संरक्षक) की मूर्तियां और श्रीकोविल (गर्भगृह) दरवाजे के फ्रेम शामिल हैं । विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) के वैज्ञानिक विश्लेषण ने पुष्टि की कि 1998 में दान की गई मूल उच्च शुद्धता वाली सोने की परतों पर रसायन का इस्तेमाल कर सोने को हटा लिया गया और उनके स्थान पर सस्ती तांबे की प्रतिकृतियां या कम गुणवत्ता वाली सोने की परत लगाई गई थी।
ईडी ने 21 जगहों पर छापेमारी की
चेन्नई में मरम्मत के बाद 42.8 किलोग्राम सोने की लेपित मूर्तियों को वापस किया गया, तो उनका वजन घटकर 38.2 किलोग्राम हो गया था, जो लगभग 4.5 किलोग्राम सोने के नुकसान का संकेत देता है। प्रवर्तन निदेशालय ने धन के लेन-देन और अपराध की आय का पता लगाने के लिए केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 21 स्थानों पर छापे मारे। इसके अलावा केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल साइट पर माप कर रहा है। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अब तक हुई अहम गिरफ्तारियां
कंडारारू राजीवरू: मंदिर के मुख्य पुजारी जिन्हें थंत्री कहा जाता है को 9 जनवरी, 2026 को कथित आपराधिक संलिप्तता और कलाकृतियों को अवैध रूप से हटाने के लिए "मूक अनुमति" देने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
उन्नीकृष्णन पोट्टी: मुख्य आरोपी और ठेकेदार जिसने कथित तौर पर सोने को हटाने और निकालने का आयोजन किया।
ए. पद्मकुमार: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई (एम) नेता, नवंबर 2025 में गिरफ्तार किए गए।
पंकज भंडारी: चेन्नई स्थित फर्म स्मार्ट क्रिएशंस के मालिक, जहां कथित तौर पर सोना निकाला गया था।
केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी
गौरतलब है कि केरल उच्च न्यायालय ने इस घटना को पवित्र कीमती सामानों की सिस्टेमेटिक चोरी बताया है साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए कहा,आपने भगवान को भी नहीं बख्शा है।
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