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भारत में क्रिकेटर को मैच फीस पर कितना चुकाना होता है TAX? बाकी इनकम पर क्या हैं नियम

Written By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Mar 09, 2026 08:32 am IST, Updated : Mar 09, 2026 08:33 am IST

भारत में एक क्रिकेटर को मिली मैच फीस, पुरस्कार या अवॉर्ड पर आयकर नियमों के मुताबिक टैक्स भी चुकाना होता है। कुछ मामलों में मिली राशि पर टैक्स नहीं भी देना होता है।

8 मार्च को ICC Mens T20 World Cup 2026 का फाइनल मैच जीतने के बाद सेलिब्रेट करती भारतीय क्रिकेट टीम। - India TV Paisa
Photo:PTI 8 मार्च को ICC Mens T20 World Cup 2026 का फाइनल मैच जीतने के बाद सेलिब्रेट करती भारतीय क्रिकेट टीम।

भारत में क्रिकेटर मैदान पर जितना रन बनाते हैं, उतना ही उन्हें अपनी कमाई पर टैक्स का भी हिसाब देना पड़ता है। मैच फीस, केंद्रीय अनुबंध (सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट), आईपीएल सैलरी, ब्रांड एंडोर्समेंट और अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई को भारतीय आयकर कानून के तहत अलग-अलग श्रेणियों में टैक्स के दायरे में रखा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारतीय क्रिकेटरों को मैच फीस पर कितना टैक्स देना पड़ता है और उनकी बाकी कमाई-जैसे विज्ञापन या लीग से होने वाली आय पर आयकर के क्या नियम लागू होते हैं।

मैच फीस पर टैक्स को लेकर क्या है प्रावधान

eztax के मुताबिक, भारत में क्रिकेटरों को मैच फीस बीसीसीआई, राज्य क्रिकेट संघों और अन्य देशों के क्रिकेट बोर्डों से मिल सकती है। इस मैच फीस पर टैक्स का निर्धारण खिलाड़ी की रेजिडेंशियल स्टेटस (निवास स्थिति) के आधार पर किया जाता है। अगर कोई क्रिकेटर भारत का निवासी है, तो उसे अपनी वैश्विक आय पर टैक्स देना होता है। यानी अगर उसने विदेश में मैच खेलकर भी फीस कमाई है, तो वह आय भी भारत में कर के दायरे में आएगी। वहीं अगर कोई क्रिकेटर एनआरआई है, तो उसे केवल भारत में हासिल इनकम पर ही टैक्स देना होता है।

चूंकि क्रिकेट को एक पेशेवर खेल माना जाता है, इसलिए खिलाड़ियों को मिलने वाली मैच फीस को व्यवसाय/पेशे से आय की कैटेगरी में रखा जाता है। इस आय पर व्यक्तिगत आयकर की लागू स्लैब दरों के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। बीसीसीआई खिलाड़ियों को दी जाने वाली मैच फीस पर 10 प्रतिशत टीडीएस काटता है। यह कटौती आयकर अधिनियम 2025 की धारा 393 (पहले आयकर अधिनियम 1961 की धारा 194J) के तहत की जाती है। साथ ही, खिलाड़ियों की पेशेवर आय पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी लागू होता है। हालांकि, सरकार द्वारा आयोजित मैचों के मामले में इस पर जीएसटी लागू नहीं होता।

प्राइज में मिले पैसे और अवॉर्ड पर नियम

क्रिकेटरों को मैच या टूर्नामेंट में मैन ऑफ़ द मैच या विजेता पुरस्कार के रूप में मिलने वाली इनाम राशि पर अन्य स्रोतों से आय के तहत टैक्स लगता है। इसे विजेता की आय माना जाता है और इस पर 30 प्रतिशत कर देय होता है। इस इनाम राशि से 30 प्रतिशत टीडीएस भी काटा जाता है, जिसे पुरस्कार देने वाला अग्रिम रूप से काटता है। हालांकि, सरकारी पुरस्कार, जैसे अर्जुन अवॉर्ड या कोई अन्य सरकारी सम्मान, इस टैक्स से मुक्त हैं। यह आयकर अधिनियम 2025 की अनुसूची II (क्रमांक 10) और आयकर अधिनियम 1961 की धारा 10(17A) के तहत टैक्स छूट प्राप्त है।

आईपीएल और निजी लीगों से क्रिकेटरों की आय पर टैक्स नियम

क्रिकेटरों को आईपीएल और अन्य निजी लीगों से मिलने वाली रकम-जैसे ऑक्शन फीस, साइनिंग बोनस और रिटेंशन मनी-को “व्यवसाय/पेशे से आय माना जाता है। इस आय पर व्यक्तिगत आयकर की लागू स्लैब दरों के अनुसार कर लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त, फ्रैंचाइजी इस आय से 10 प्रतिशत टीडीएस काटती है, जो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 194J के तहत लागू होता है। क्रिकेटरों को इस आय पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी चुकाना अनिवार्य है, जिससे उनकी कुल टैक्स देयता बढ़ती है।

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