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ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और तेल के कीमतों में शॉर्ट टर्म उछाल पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- 'यह बहुत छोटी कीमत है'

 Published : Mar 09, 2026 07:10 am IST,  Updated : Mar 09, 2026 07:18 am IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बेअसर करने की कोशिशों के बीच तेल की कीमतों में शॉर्ट-टर्म उछाल बेहद छोटी कीमत है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

Israel US Attack on Iran: मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। तेल के दाम में आए उछाल के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर इससे तेहरान का न्यूक्लियर खतरा खत्म हो जाता है, तो यह बहुत छोटी कीमत है। 

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि ईरान की न्यूक्लियर क्षमताएं खत्म होने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ बेवकूफ ही अलग सोचेंगे। इसे अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी कीमत बताते हुए, ट्रंप ने लिखा, "शॉर्ट-टर्म तेल की कीमतें, जो ईरान के न्यूक्लियर खतरे के खत्म होने पर तेजी से गिरेंगी, USA और दुनिया, सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत है।" सिर्फ बेवकूफ ही अलग सोचेंगे!" 

तेल के बढ़े दाम

ट्रंप का यह प्रतिक्रिया रविवार को तेल की कीमतों के USD 100 प्रति बैरल से ज्यादा बढ़ने के बाद आई है। CNN बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब यह आंकड़ा पार हुआ है। CNN बिजनेस के मुताबिक, इन्वेस्टर्स ने चिंता जताई है कि ईरान के साथ जंग की वजह से दुनिया भर में तेल के फ्लो पर लंबे समय तक रोक रहेगी। इसमें यह भी कहा गया है कि ईरान के साथ लड़ाई की वजह से तेल और गैसोलीन की कीमतें आसमान छू रही हैं।

बढ़ सकती है महंगाई

CNN बिजनेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि US ऑयल फ्यूचर्स 18 परसेंट बढ़कर लगभग USD 108 प्रति बैरल हो गए जो 19 जुलाई, 2022 के बाद का उनका सबसे ऊंचा लेवल है, जबकि ब्रेंट फ्यूचर्स, जो ग्लोबल बेंचमार्क है, 16 परसेंट बढ़कर USD 108 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की बढ़ती कीमतों ने हाल के दिनों में स्टॉक्स पर भारी असर डाला है, जिससे ट्रेडर्स को डर है कि फ्यूल की कीमतों में लंबे समय तक बढ़ोतरी से महंगाई फिर बढ़ कती है और इकॉनमी को नुकसान हो सकता है। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद, रविवार को अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत $3.45 प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो पिछले हफ्ते से 16 प्रतिशत अधिक है।

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