Why Dogs Attack Men More Than Women: पिछले कुछ महीनों में भारत के अलग-अलग हिस्सों से कुत्तों के हमले की घटनाओं की खबरें लगातार आ रही हैं। कई इलाकों में कुत्तों का आतंक तो इस कदर बढ़ गया है कि सुप्रीम कोर्ट तक को इस मामले पर सुनवाई करनी पड़ रही है। पिछले कुछ सालों में कुत्तों की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, और इसी के साथ हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। पर क्या आपको पता है कि कुत्तों के हमले के ज्यादातर शिकार पुरुष होते हैं? क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की वजहें क्या हैं?
70 फीसदी से ज्यादा पीड़ित पुरुष
कई तरह के अध्ययनों में यह साफ हुआ है कि कुत्तों द्वारा हमले के ज्यादातर पीड़ित पुरुष होते हैं, और महिलाएं कम ही इनका शिकार बनती हैं। एक स्टडी में पाया गया था कि कुत्तों द्वारा काटे जाने का पुरुषों का जोखिम लगभग 1.8 गुना था। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कुत्तों के हमले के 70 फीसदी पीड़ित पुरुष होते हैं। आइए, समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर इसके पीछे के कारण क्या हैं:
1: कुत्तों के सामने ज्यादा एक्सपोजर: पुरुष आमतौर पर महिलाओं से ज्यादा समय घर के बाहर बिताते हैं, और आवारा कुत्तों संपर्क में ज्यादा आते हैं। यही वजह है कि कुत्तों के हमलों के ज्यादातर शिकार भी पुरुष ही होते हैं।
2: ज्यादा जोखिम लेने की प्रवृत्ति: कुछ शोधों में बताया गया है कि पुरुष कुत्तों के सामने कई जोखिम भरे काम करते हैं, इसलिए इन पर उनके हमले भी ज्यादा होते हैं। कई पुरुष कुत्तों को चिढ़ाते हुए, पत्थर मारते हुए या फिर उनके नजदीक जाने पर शिकार बन जाते हैं, जबकि महिलाएं आमतौर पर अनजाने कुत्तों के साथ दूरी बनाए रखती हैं।
3: रोजगार के चलते ज्यादा संपर्क: खेती, कूड़ा उठाने, रेहड़ी-पटरी जैसे पेशों में पुरुषों का अधिक प्रतिनिधित्व होता है, और इन कामों में कुत्तों के साथ संपर्क होने की संभावना भी ज्यादा होती है। कुत्तों के हमलों में पुरुषों के ज्यादा पीड़ित होने की एक वजह ये भी है।
कुत्तों की आक्रामकता से बचने के उपाय
- अनजान कुत्ते के पास अचानक न जाएं, न दौड़ें, न भागें। धीरे-धीरे पीछे हटें और आंख से संपर्क सीमित रखें।
- किसी भी कुत्ते को छेड़ने, पत्थर मारने या अचानक हाथ बढ़ाने से बचें, यह उसके लिए भड़काऊ हो सकता है।
- छोटे बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर बगैर किसी देखभाल के न छोड़ें। बच्चों को कुत्तों के साथ डील करना सिखाएं।
- अगर कुत्ता आक्रामक दिखे तो अपनी पीठ न दिखाएं, किसी चीज की ओट में छिप जाएं और आवाज धीमी रखें।
कुत्ते के द्वारा काटे जाने पर क्या करें?
कुत्ते के द्वारा काटे जाने पर सबसे पहले चोट वाली जगह पर जल्द पानी और साबुन से धोएं, फिर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर जरूरी टीका लगवाएं। WHO के दिशानिर्देश में काटे जाने पर त्वरित चिकित्सा व टीकाकरण को प्राथमिकता बताया गया है। बता दें कि कुत्ते के काटने के बाद लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है, और रेबीज के संक्रमण के कारण जान भी जा सकती है। बता दें कि भारत में हर साल रेबीज संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है।


