सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन इस कैंसर से बचाव संभव है। यह गर्भाशय के निचले हिस्से की कोशिकाओं में शुरू होता है। सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। यह एक बहुत ही सामान्य वायरस है जो शारीरिक संपर्क के माध्यम से फैलता है। हालांकि शरीर का इम्यून सिस्टम अक्सर इससे लड़ लेता है, लेकिन कुछ मामलों में यह वायरस वर्षों तक बना रहता है और कैंसर का रूप ले लेता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि सर्वाइकल कैंसर से हर साल कितनी महिला की जान जाती है। एम्स की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है।
क्या कहती है रिपोर्ट
भारत में सर्वाइकल कैंसर से हर आठ मिनट में एक महिला की मौत हो रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के असिस्टेंट प्रोफेसर, रेडिएशन आंकोलाजी, कैंसर विकिरण चिकित्सा प्रो. डॉ. अभिषेक शंकर ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के अनुसार संस्थान भारत में सर्वाइकल कैंसर से हर आठ मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है। हालांकि सही समय पर इसका इलाज और टीकाकण से रोका जा सकता है। इस गंभीर स्थिति को रोकने के लिए केंद्र सरकार, राज्यों के स्वास्थ्य मिशन, कैंसर संस्थान, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने विशेषज्ञ टीकाकरण, स्क्रीनिंग और उपचार की एकीकृत रणनीति के तहत मिलकर काम करने की सहमति दी हैं।
आंकड़े कर देंगे परेशान
देश में सर्वाइकल कैंसर के हर साल करीब 1.23 लाख नए मामले सामने आते हैं, जिसमें से लगभग 77 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली ने फ्री सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग शुरू की है। इसके तहत 31 जनवरी तक महिलाएं फ्री में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग यहां करा सकती हैं। जनवरी के पूरे महीने एम्स में 30-65 साल की महिलाएं सोमवार से शुक्रवार (सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक) सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करवा सकती हैं। इसके साथ ही 9-14 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीनेशन शनिवार को (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) न्यू बिल्डिंग में उपलब्ध है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
असामान्य रक्तस्राव: पीरियड्स के बीच में, संबंध बनाने के बाद, या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना।
पेल्विक पेन: पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना।
सफेद पानी: योनि से दुर्गंधयुक्त या खून मिला हुआ स्राव होना।
बचाव के उपाय
सर्वाइकल कैंसर से लगभग पूरी तरह बचा जा सकता है
HPV वैक्सीन: यह सबसे प्रभावी तरीका है। डॉक्टरों के अनुसार, 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए यह टीका सबसे ज्यादा असरदार है, हालांकि 45 वर्ष तक की महिलाएं भी डॉक्टर की सलाह पर इसे लगवा सकती हैं।
पैप स्मीयर टेस्ट: 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित अंतराल पर यह टेस्ट करवाना चाहिए। इससे कैंसर होने से पहले की स्थिति का पता चल जाता है।
सुरक्षित संबंध और स्वच्छता: व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना और सुरक्षित यौन संबंध बनाना जोखिम को कम करता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)