1. Hindi News
  2. खेल
  3. अन्य खेल
  4. भारतीय टेनिस स्टार साइना नेहवाल ने 35 साल की उम्र में संन्यास का ऐलान किया, कहा- अब बस बहुत हो गया

भारतीय टेनिस स्टार साइना नेहवाल ने 35 साल की उम्र में संन्यास का ऐलान किया, कहा- अब बस बहुत हो गया

 Written By: Vanson Soral @VansonSoral
 Published : Jan 19, 2026 11:50 pm IST,  Updated : Jan 19, 2026 11:55 pm IST

भारत की स्टार खिलाड़ी साइन नेहवाल ने बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है। साइना लंबे समय से घुटने की चोट से जूझ रही थी।

saina nehwal- India TV Hindi
साइना नेहवाल Image Source : AP

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने बैडमिंटन से संन्यास का ऐलान कर दिया है। पिछले 2 सालों से गंभीर घुटने की समस्या से जूझ रहीं साइना ने कहा कि अब उनका शरीर इंटरनेशनल लेवल का प्रेशर नहीं झेल सकता। लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना ने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच सिंगापुर ओपन 2023 में खेला था, हालांकि उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से संन्यास का ऐलान नहीं किया था।

अपने शर्तों पर शुरू किया और अपने शर्तों पर ही छोड़ा

एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान साइना ने कहा कि उन्होंने करीब दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। उन्हें लगा कि उन्होंने खेल की शुरुआत अपने दम पर की और इसे भी अपने फैसले से ही छोड़ा, इसलिए किसी घोषणा की जरूरत नहीं थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब कोई खिलाड़ी आगे खेलने की स्थिति में नहीं होता, तो उसे स्वीकार करना ही बेहतर होता है। अगर आप खेलने लायक नहीं हैं, तो बस वहीं बात खत्म हो जाती है। 

घुटनों की समस्या बनी संन्यास की वजह

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 साइना ने बताया कि उनके घुटनों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनकी कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है, उन्हें आर्थराइटिस है। यह बात उनके माता-पिता और कोच को पता होनी चाहिए थी। उन्होंने उनसे कहा कि अब शायद मैं यह नहीं कर सकती, आगे खेलना मुश्किल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें संन्यास की औपचारिक घोषणा की जरूरत नहीं लगी। धीरे-धीरे लोग खुद समझ जाएंगे कि साइना अब खेल नहीं रही है।

ट्रेनिंग भी नहीं झेल पा रहे थे घुटने

साइना ने बताया कि टॉप लेवल पर बने रहने के लिए रोज 8–9 घंटे की कड़ी ट्रेनिंग करनी पड़ती है, लेकिन उनके घुटने अब 1–2 घंटे की ट्रेनिंग भी नहीं झेल पा रहे थे। घुटनों में सूजन आ जाती थी और उसके बाद खुद को पुश करना बेहद मुश्किल हो जाता था। तब उन्हें लगा कि अब बस बहुत गया। साइना के करियर पर रियो ओलंपिक 2016 के दौरान लगी गंभीर घुटने की चोट का गहरा असर पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, बार-बार उभरती घुटने की समस्याएं उनके करियर की रफ्तार में लगातार बाधा बनती रहीं। साल 2024 में साइना ने खुद खुलासा किया था कि उन्हें घुटनों में आर्थराइटिस है और उनकी कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है, जिससे हाई-लेवल की ट्रेनिंग करना लगभग असंभव हो गया था।

यह भी पढ़ें

न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज से पहले बुरे फंसे रिंकू सिंह, सोशल मीडिया पर शेयर किया था हनुमान जी का AI वाला वीडियो

ICC Rankings: सीरीज हार के बाद कैसी है भारत और न्यूजीलैंड की रैंकिंग, क्या कुछ बदल गया

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Other Sports से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल