Monday, January 19, 2026
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राजमा खाने से पेट में बन जाता है गैस का गुबार तो ऐसे करें डाइट में शामिल नहीं होगी ब्लोटिंग और एसिडिटी की परेशानी

राजमा का स्वाद अगर आपको भी पसंद है लेकिन गैस या ब्लोटिंग के डर से आप इसका सेवन नहीं करते तो हम आपके लिए बेहतरीन टिप्स लेकर आए हैं। इसको फॉलो कर आप इसका लुत्फ़ उठा सकते हैं

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jan 19, 2026 04:41 pm IST, Updated : Jan 19, 2026 04:43 pm IST
राजमा - India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH राजमा

राजमा के साथ चावल खाने में खूब स्वाद मिलता है। यह कॉम्बिनेशन ज़्यादातर लोगों को खूब पसंद आता है। राजमा में प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, साथ ही दूसरे ज़रूरी विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। लेकिन कुछ लोग इस खाने से बचते हैं क्योंकि इसके सेवन से पेट में गैस या पेट फूलने का डर रहता है। अगर आप भी उनमें से हैं जिनको राजमा का स्वाद तो पसंद है लेकिन पेट में गैस और ब्लोटिंग की वजह से आप इसे नहीं खाते हैं तो चलिए हम बताते हैं इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं। हाल ही में वेट लॉस कोच निधि गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया है कि आखिर राजमा पेट फूलने का कारण क्यों बनती है और कैसे आप ब्लोटिंग और गैस की परेशानी के बिना राजमा का सेवन कर सकते हैं?

राजमा से गैस क्यों बनती है?

कोच के अनुसार, राजमा मे मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फाइबर जैसे- ओलिगोसेकेराइड और लेक्टिन जैसे तत्व गैस बनाते हैं। राजमा मे मौजूद लेक्टिन शरीर में सूजन और गैस बनाने का काम करता है। लेक्टिन सभी तरह के बीन्स जैसे- राजमा, सफेद चना, काला चना में पाए जाते हैं। इन्हें पचाना मुश्किल होता है और हमारी आंतों में मौजूद बैक्टीरिया इन्हें तोड़ते हैं, जिससे हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें बनती हैं, जिससे पेट फूलना और गैस होती है।

पेट फूलने से बचने के लिए राजमा का इस्तेमाल कैसे करें?

राजमा में मौजूद लेक्टिन पानी में घुलनशील होते हैं और बीन्स की बाहरी सतह पर पाए जाते हैं, इसलिए पानी के संपर्क में आने से वे हट जाते हैं। अगर आपने इन्हें अपनी में नहीं भिगोया तो लेक्टिन मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और जिंक के एब्जॉर्प्शन में रुकावट डाल सकते हैं, इसलिए खाने से पहले उन्हें पानी में भिगोएं।

सबसे पहले राजमा को पानी से अच्छी तरह धो लें। इन्हें कम से कम तीन से चार बार पानी से धोएं और फिर राजमा को 7 से 8 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। तय समय के बाद भिगोए हुए पानी से राजमा को छान लें। अब इसमें ताज़ा पानी, अदरक, हींग, जीरा डालें, यह लोअर एसोफेजियल स्फिंक्टर पर दबाव कम करता है, आंतों की ऐंठन को कम करता है, और गैस और पेट फूलने से बचाता है। साथ ही, खाना बनाते समय राजमा में नमक डालें। सोडियम पेक्टिन से मैग्नीशियम और कैल्शियम को बाहर निकाल देता है और बीन्स के अंदर की कोशिकाएं अब बेहतर पाचन के लिए ढीली हो जाती हैं। जैसे-जैसे आप ज़्यादा बीन्स खाएं, हर दिन ज़्यादा पानी पिएं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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