80 और 90 का दशक भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक सुनहरा दौर माना जाता है। उस समय के शोज की सबसे बड़ी ताकत उनकी मजबूत कहानियां और यादगार किरदार हुआ करते थे बिना ज्यादा तड़क-भड़क, भारी सेट्स या दिखावे के, ये शोज आम आदमी की जिंदगी से जुड़े मुद्दों और रिश्तों को बड़े सहज तरीके से पेश करते थे। उस समय टीवी केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि पूरे परिवार को एक साथ जोड़ने वाला माध्यम हुआ करता था। रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच एक तय समय पर पूरा परिवार टीवी के सामने बैठता था और बिना चैनल बदले, पूरे मन से शो देखा जाता था। उस दौर के कार्यक्रमों में सादगी, भावनाएं और अपनापन होता था, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को जोड़ लेता था। यही वजह है कि 90 के दशक के कई टीवी शोज आज भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। आज के तेज रफ्तार कंटेंट की तुलना में उस दौर के शोज दिल से देखे जाते थे और लंबे समय तक यादों में बस जाते थे।
क्या है कॉमेडी शो का नाम?
इसी सुनहरे दौर में एक ऐसा कॉमेडी शो आया, जिसने देखते ही देखते दर्शकों के दिलों पर राज करना शुरू कर दिया। 6 मई 1993 को दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर टेलीकास्ट हुआ यह शो, जया बच्चन के निर्देशन में बना था और इसका प्रोडक्शन ‘साहिबान’ के बैनर तले किया गया था। यह शो उस समय भारतीय टेलीविजन का सबसे लोकप्रिय सिटकॉम बन गया था। इसकी कहानी, संवाद और किरदारों ने टीवी कॉमेडी को एक नई पहचान दी। इस शो का नाम था, 'देख भाई देख’।
क्या है शो की कहानी?
‘देख भाई देख’ की कहानी एक बड़े और संयुक्त परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां हर सदस्य का स्वभाव, सोच और अंदाज एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होता है। इन्हीं अलग-अलग विचारों और आदतों की वजह से रोज नई-नई मजेदार परिस्थितियां पैदा होती हैं, जो दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती हैं. शो में नवीन निश्चल, शेखर सुमन, फरीदा जलाल, भावना बलसावर, अमन वर्मा और अन्य कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को इतनी खूबसूरती से निभाया कि वे आज भी लोगों को याद हैं। रिश्तों की गर्मजोशी और साफ-सुथरी कॉमेडी इस शो की सबसे बड़ी खासियत थी, जो सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचती थी।
क्या है IMDb रेटिंग?
यह शो न केवल लोकप्रियता के मामले में आगे था, बल्कि TRP की रेस में भी सबसे ऊपर रहा। दर्शकों का प्यार ऐसा था कि ‘देख भाई देख’ जल्द ही एक क्लासिक कॉमेडी शो बन गया. हैरानी की बात यह है कि आज भी IMDb पर इस शो को करीब 8.7/10 की शानदार रेटिंग मिली हुई है। कुल मिलाकर इसके 65 एपिसोड टेलीकास्ट हुए थे, लेकिन हर एपिसोड अपनी अलग पहचान छोड़ गया। आज भी लोग इसके सीन और डायलॉग्स को याद करते हैं और उन्हें दोबारा देखने का मन करता है।
क्या देख सकते हैं ये शो?
भले ही आज टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ढेरों नए शोज आ चुके हों, लेकिन ‘देख भाई देख’ का क्रेज आज भी कायम है। लोग इसे बार-बार YouTube पर देखते हैं और इसके कुछ एपिसोड Sony LIV जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं। यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि 90 के दशक की खूबसूरत यादों में लौटने का एक जरिया है। अगर आपको साफ-सुथरी, पारिवारिक और दिल से जुड़ी कॉमेडी पसंद है तो ‘देख भाई देख’ आज भी उतना ही ताजा और मजेदार लगता है, जितना अपने दौर में हुआ करता था।
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