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2025 में चीन की इकोनॉमी का क्या रहा हाल? सामने आया आंकड़ा, जानिए अभी क्या है जिनपिंग के लिए बड़ी चुनौती

चीन की अर्थव्यवस्था अभी निर्यात के सहारे टिकी हुई है, जबकि घरेलू मांग और भरोसे को पटरी पर लाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।  विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में वृद्धि और धीमी पड़ सकती है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Jan 19, 2026 11:34 am IST, Updated : Jan 19, 2026 11:47 am IST
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।- India TV Paisa
Photo:AP चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

चीन की अर्थव्यवस्था ने 2025 में कुल मिलाकर 5% की सालाना ग्रोथ रेट हासिल की, जो सरकार के “लगभग 5%” के आधिकारिक लक्ष्य को ठीक-ठीक पूरा करती है। यह मजबूत निर्यात के दम पर हासिल हुआ, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का दबाव बना रहा। हालांकि, साल की आखिरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में वृद्धि की गति धीमी पड़कर 4.5% रह गई, जो 2022 के बाद सबसे कम तिमाही वृद्धि दर है (जब कोविड प्रतिबंधों में ढील शुरू हुई थी)। इससे पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में वृद्धि 4.8% थी। तिमाही आधार पर अर्थव्यवस्था में 1.2% की बढ़ोतरी हुई।

निर्यात ने घरेलू कमजोरी की भरपाई की

मजबूत निर्यात ने कमजोर घरेलू खपत और निवेश की कमी को संतुलित किया। चीन का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर $1.2 ट्रिलियन तक जा पहुंचा। अमेरिका को निर्यात में करीब 20% की गिरावट आई, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अन्य बाजारों में बढ़े निर्यात ने इसकी भरपाई की। ट्रंप के टैरिफ के बावजूद निर्यात लचीला रहा, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत स्थायी नहीं हो सकती। कई देश अब चीनी आयातों पर टैरिफ बढ़ाने या सुरक्षा उपाय करने की ओर बढ़ रहे हैं। आईएनजी बैंक के ग्रेटर चाइना के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि निर्यात मुख्य इंजन बना हुआ है, लेकिन अगर मैक्सिको, यूरोपीय संघ जैसे क्षेत्र भी टैरिफ बढ़ाते हैं, तो दबाव बढ़ सकता है।

घरेलू मांग और प्रॉपर्टी सेक्टर की चिंता

सरकार घरेलू मांग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिणाम सीमित हैं। पुराने वाहनों और घरेलू उपकरणों (जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन) पर सब्सिडी और ट्रेड-इन योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है। बीएनपी परिबास के एशिया पैसिफिक सीनियर स्ट्रैटेजिस्ट ची लो के अनुसार, प्रॉपर्टी मार्केट में स्थिरता लाना जरूरी है, तभी उपभोक्ता भरोसा और निजी निवेश-खपत बढ़ेगी। सरकार AI और एडवांस टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश कर रही है ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो, लेकिन आम लोग और छोटे कारोबारी अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।

2025 में चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात पर टिकी रही

AP की खबर के मुताबिक, गुइझोउ प्रांत की 53 वर्षीय नूडल रेस्टोरेंट मालकिन लियू फेंगयुन बताती हैं कि कारोबार मुश्किल हो गया है, ग्राहक कहते हैं- पैसा कमाना कठिन है, घर पर नाश्ता बनाना सस्ता पड़ता है। कुल मिलाकर, 2025 में चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात पर टिकी रही, लेकिन घरेलू मांग, उपभोक्ता भरोसा और प्रॉपर्टी संकट को पटरी पर लाना अब सबसे बड़ी चुनौती है। 

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