वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में अमेरिका से भारत का आयात 23.71 प्रतिशत बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा हुई थी।
मंत्री ने कहा कि इस डील में मॉडिफाइड सीड्स, डेरी, मीट, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेंहू, मिलेट्स, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी साइट्रस फ्रूट, मूंग, काबुली चना, ऑयल सीड्स, ग्राउंड नट्स, एथनॉल और टोबैको पर अमेरिका को कोई रियायत नहीं दी गई है।
ट्रंप ने अपने आदेश में आगे कहा कि भारत ने ये स्पष्ट किया है कि वो अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा और हाल में अगले 10 सालों में रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ एक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है।
इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे अमेरिका में वस्त्र, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक एवं रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काफी अवसर प्राप्त होंगे।
एक साल तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी जैसी रिफाइनरियों ने पिछले साल अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाने के तुरंत बाद रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था।
मंगलवार को सुबह 11.25 बजे तक बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल अडाणी एंटरप्राइज़ेस के शेयर सबसे ज्यादा 10.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका की कृषि सचिव ब्रुक रॉलिन्स ने अमेरिकी किसानों के लिए एक बार फिर काम करने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया।
मंगलवार को बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 3656.74 अंकों (4.48%) की जोरदार उछाल के साथ 85,323.20 अंकों पर खुला।
वाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका, भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को भी हटा देगा।
अमेरिका ने साल 2025 में अपनी व्यापार पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ लागू कर दिया था, जो आज भी लागू है। इसका दुनियाभर में असर देखने को मिला।
ट्रंप ने दावा भी किया प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है, और अब भारत अमेरिका से बहुत अधिक तेल खरीदने पर भी विचार करेगा।
अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापारिक तनातनी एक बार फिर तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार सीधे एविएशन सेक्टर को निशाने पर लेते हुए कनाडा को बड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ठीक नहीं किए गए, तो कनाडाई विमानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।
वैश्विक राजनीति और ऊर्जा कूटनीति के बीच भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर एक बड़ा संकेत सामने आया है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल मचा दी है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल का आयात बढ़ाया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने चरणबद्ध तरीके से खरीद घटाई और अब उसने रूसी तेल की खरीद पूरी तरह रोक दी है।
मंगलवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ HDFC Bank के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी की सभी 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
चीन की अर्थव्यवस्था अभी निर्यात के सहारे टिकी हुई है, जबकि घरेलू मांग और भरोसे को पटरी पर लाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में वृद्धि और धीमी पड़ सकती है।
सांसदों ने अपनी चिट्ठी में कहा कि भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जिसकी वैश्विक खपत में करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति का खुद उन्हीं के देश में विरोध भी हो रहा है। खास बात यह है कि किसी देश द्वारा जिस रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप हो हल्ला मचा रहे हैं, खुद अमेरिका भी उसका खरीदार है।
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