अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास और कार्यालय 'वाइट हाउस' ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत व्यापार पर अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) संपन्न किया जा सके। 'वाइट हाउस' ने एक फैक्ट शीट में कहा कि दोनों देश सेवाओं एवं निवेश, श्रम तथा सरकारी खरीद सहित शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखेंगे। भारत और अमेरिका के व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद वाइट हाउस ने ''अमेरिका और भारत ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की'' शीर्षक से फैक्ट शीट जारी किया है।
ट्रंप ने किया था जीरो टैरिफ का दावा
अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा हुई थी। इस घोषणा के ठीक बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत “अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को जीरो करने” के लिए सहमत हो गया है। ट्रंप के इस दावे ने भारतीय व्यापारियों को गहरी चिंता में डाल दिया था। जबकि, वाइट हाउस के फैक्ट शीट में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं है, जिसमें ये कहा गया है कि भारत, अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को जीरो करेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रमुख शर्तें
वाइट हाउस द्वारा जारी फैक्ट शीट के मुताबिक, समझौते की प्रमुख शर्तों के तहत, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं, अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने ज्यादा अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
दोनों देशों के बीच जारी रहेगी बातचीत
'समृद्ध भविष्य की राह' शीर्षक वाले एक खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को कम कर रहे हैं। बीटीए की संदर्भ शर्तों में निर्धारित खाके के अनुरूप, अमेरिका और भारत ''बाकी टैरिफ बाधाओं, अतिरिक्त नॉन-टैरिफ बाधाओं, व्यापार में प्रौद्योगिकी अवरोधों, सीमा शुल्क तथा व्यापार सुविधा, अच्छे नियामक व्यवहार, व्यापार सुधार, सेवाओं और निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण, सरकारी खरीद और सार्वजनिक उद्यमों की व्यापार-विकृत या अनुचित प्रथाओं'' से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे।
डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा भारत
इसमें कहा गया है कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा और मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं तथा डिजिटल व्यापार में अन्य बाधाओं से निपटा जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क लगाने पर रोक के नियम भी शामिल होंगे। इसमें उल्लेख किया गया कि पिछले शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिससे 1.4 अरब से ज्यादा आबादी वाले देश का बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुलेगा।



































