शेयर बाजार में हर निवेशक की ख्वाहिश होती है कि उसका पैसा किसी ऐसे स्टॉक में लगे, जो वक्त के साथ साधारण निवेश को असाधारण बना दे। जब कोई शेयर कुछ ही सालों में 1000% से ज्यादा रिटर्न दे देता है, तो वह अपने आप मल्टीबैगर की कैटेगरी में आ जाता है। ऐसा ही एक नाम है GRM Overseas, जिसने बीते पांच वर्षों में निवेशकों को करीब 1250% का दमदार रिटर्न देकर सबका ध्यान खींचा है।
GRM Overseas उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने लंबी अवधि में निवेशकों को मालामाल किया है। अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 12.50 लाख रुपये के आसपास होती। यही वजह है कि बाजार में इस शेयर को लेकर लगातार दिलचस्पी बनी हुई है। हालिया कॉरपोरेट अपडेट्स ने एक बार फिर इस स्टॉक को सुर्खियों में ला दिया है।
शेयर में दिखी हलचल
शुक्रवार को GRM Overseas का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई पर यह ₹165 के आसपास बंद हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक कंपनी से जुड़ी खबरों को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहे हैं। सोमवार को बाजार खुलते ही इस शेयर पर खास नजर रहने की उम्मीद है।
वारंट कन्वर्जन से कंपनी को बड़ी मजबूती
कंपनी ने हाल ही में वारंट कन्वर्जन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। बोर्ड ने लाखों वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने को मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को करीब ₹86 करोड़ से ज्यादा की रकम मिली है। सबसे अहम बात यह है कि अब कंपनी के पास कोई भी वारंट लंबित नहीं है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होती है और निवेशकों के भरोसे को भी बल मिलता है।
बोनस शेयर से निवेशकों को फायदा
GRM Overseas ने बोनस इश्यू की भी घोषणा की है। कंपनी 2:1 के अनुपात में बोनस शेयर दे रही है, यानी हर एक शेयर पर दो बोनस शेयर। बोनस इश्यू का सीधा फायदा यह होता है कि शेयरों की संख्या बढ़ जाती है और निवेशकों की होल्डिंग मजबूत होती है। हालांकि, इससे शेयर की कीमत में तकनीकी तौर पर समायोजन होता है, लेकिन लंबे समय में इसका मनोवैज्ञानिक असर सकारात्मक माना जाता है।
आगे क्या रहेगा खास?
मल्टीबैगर रिटर्न का इतिहास, मजबूत फंड जुटाने की प्रक्रिया और बोनस इश्यू जैसे फैसले GRM Overseas को फिर से निवेशकों के रडार पर ले आए हैं। हालांकि शेयर बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है, लेकिन कंपनी के हालिया कदम यह संकेत जरूर देते हैं कि निवेशकों को इस स्टॉक पर नजर बनाए रखनी चाहिए।



































