Sunday, February 08, 2026
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Rolls-Royce से लेकर Maybach तक: 13 साल की उम्र में दूध-अखबार बेचने वाला लड़का आज है 400 लग्जरी गाड़ियों का मालिक, रमेश बाबू ने ऐसे बदली अपनी किस्मत

कहते हैं किस्मत उन्हीं का साथ देती है जो हालात से हार नहीं मानते। बेंगलुरु के रमेश बाबू की कहानी इसी कहावत को सच साबित करती है। कभी परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा एक साधारण नाई का बेटा, आज देश के सबसे बड़े लग्जरी कार कलेक्शन का मालिक है।

Edited By: Shivendra Singh
Published : Feb 08, 2026 07:20 am IST, Updated : Feb 08, 2026 07:20 am IST
रमेश बाबू कैसे बने 400...- India TV Paisa
Photo:FACEBOOK/CANVA रमेश बाबू कैसे बने 400 लग्जरी गाड़ियों के मालिक

कहते हैं हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो किस्मत खुद रास्ता बना लेती है। बेंगलुरु के रमेश बाबू की जिंदगी इसी कहावत की जीती-जागती मिसाल है। जिस उम्र में बच्चे स्कूल और खेल में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में रमेश दूध और अखबार बेचकर परिवार का सहारा बन गए। आज वही रमेश बाबू रोल्स-रॉयस, मेबैक, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी 400 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं।

कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ

रमेश बाबू का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई। मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अखबार और दूध बांटने का काम शुरू किया और पिता की छोटी-सी नाई की दुकान को भी संभाला। इन हालातों ने उन्हें समय से पहले परिपक्व बना दिया और मेहनत का असली मतलब सिखाया।

पढ़ाई नहीं छोड़ी, सपनों को जिंदा रखा

आर्थिक तंगी के बावजूद रमेश ने पढ़ाई से समझौता नहीं किया। दिन में कॉलेज और शाम को सैलून यही उनकी दिनचर्या बन गई। मेहनत रंग लाई और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा हासिल किया। इस शिक्षा ने उनमें तकनीकी समझ और आत्मविश्वास दोनों को मजबूत किया।

एक वैन से शुरू हुआ कारोबार

साल 1993 रमेश बाबू की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बना। अपनी बचत और चाचा की मदद से उन्होंने एक मारुति ओमनी वैन खरीदी। खुद ड्राइविंग करते हुए किराये पर गाड़ी चलानी शुरू की। यही छोटा-सा कदम आगे चलकर “रमेश टूर्स एंड ट्रेवल्स” की नींव बना।

लग्जरी सेगमेंट में एंट्री

2004 में रमेश ने पहली बार मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास खरीदी और यहीं से उनका कारोबार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने लगा। धीरे-धीरे उनके बेड़े में रोल्स-रॉयस घोस्ट, मेबैक, जगुआर, ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियां शामिल होती चली गईं। उनकी प्रोफेशनल सर्विस के चलते सेलिब्रिटी, बड़े कारोबारी और कॉर्पोरेट क्लाइंट उनसे जुड़ने लगे।

400 से ज्यादा गाड़ियां, फिर भी जमीन से जुड़े

लग्जरी कारों से लेकर मिनीबस और विंटेज कारें तक आज रमेश बाबू के पास 400 से ज्यादा गाड़िया हैं। उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब ₹1200 करोड़ बताई जाती है। खास बात यह है कि इतनी सफलता के बावजूद वे आज भी अपनी पुरानी नाई की दुकान पर जाते हैं और सादगी से जीवन जीते हैं।

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