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Q3 Results: इस सरकारी बैंक ने तोड़ा मुनाफे का रिकॉर्ड, ₹21028 करोड़ पहुंचा प्रॉफिट; लेकिन NIM ने बढ़ाई टेंशन!

देश के बैंकिंग सेक्टर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने निवेशकों और बाजार दोनों का ध्यान खींच लिया है। भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने दिसंबर तिमाही के नतीजों में इतिहास रच दिया है।

Edited By: Shivendra Singh
Published : Feb 07, 2026 11:54 pm IST, Updated : Feb 07, 2026 11:54 pm IST
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया...- India TV Paisa
Photo:CANVA स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का Q3 Results

देश के बैंकिंग सेक्टर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे वित्तीय बाजार का ध्यान खींच लिया है। बैंक ने अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। मजबूत लोन ग्रोथ, बढ़ती ब्याज आय और बेहतर एसेट क्वालिटी ने SBI को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन इस शानदार तस्वीर के बीच मार्जिन में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।

इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा

Q3FY26 में SBI का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 24.5% की उछाल के साथ ₹21,028 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा ₹16,891 करोड़ था। यह आंकड़ा SBI के इतिहास का अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही प्रॉफिट माना जा रहा है, जो बैंक की मजबूत कमाई क्षमता को दर्शाता है।

आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में दमदार बढ़त

इस तिमाही में बैंक की कुल आय 9.7% बढ़कर ₹1,40,914 करोड़ हो गई। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी करीब 9% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹45,190 करोड़ तक पहुंच गई। खास बात यह रही कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जो 39.54% बढ़कर ₹32,862 करोड़ रहा। इससे साफ है कि बैंक का कोर बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है।

NIM में गिरावट ने बढ़ाई चिंता

हालांकि, शानदार नतीजों के बीच सबसे बड़ी चिंता नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर रही। पूरे बैंक का NIM 2.99% पर रहा, जबकि घरेलू NIM में 3 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई और यह 3.12% पर आ गया। सस्ते डिपॉजिट की हिस्सेदारी यानी CASA रेशियो भी घटकर 39.13% पर आ गया, जिससे आगे मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

लोन-डिपॉजिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार

SBI के कुल डिपॉजिट ₹57 ट्रिलियन और एडवांस ₹46 ट्रिलियन के पार पहुंच गए हैं। एडवांस में सालाना आधार पर 15% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। राहत की बात यह रही कि बैंक की एसेट क्वालिटी और बेहतर हुई है। ग्रॉस NPA में 12.7% और नेट NPA में करीब 15.7% की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की नजर आगे क्या?

कंसॉलिडेटेड आधार पर भी बैंक का मुनाफा ₹21,876 करोड़ रहा। अब निवेशकों की नजर SBI के मैनेजमेंट आउटलुक और आने वाली तिमाहियों में NIM के ट्रेंड पर टिकी रहेगी। रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद मार्जिन पर बना दबाव बैंक के लिए अगली बड़ी चुनौती बन सकता है।

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