महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर सामने आई है। जुलाई 2026 में देश की थोक महंगाई दर (WPI Inflation) मामूली घटकर 9.78 फीसदी पर आ गई। जून में यह आंकड़ा 9.87 फीसदी था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सभी कमोडिटी का थोक मूल्य सूचकांक 110.0 रहा, जबकि जून में यह 110.2 था। हालांकि महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में थोक महंगाई दर में सालाना आधार पर मामूली गिरावट दर्ज की गई। जून में 9.87 फीसदी की तुलना में जुलाई में यह 9.78 फीसदी रही। यानी महंगाई दर में करीब 0.09 प्रतिशत अंक की कमी आई है। आपको बता दें कि थोक महंगाई के आंकड़ों को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा जाता है प्राइमरी आर्टिकल्स, फ्यूल एंड पावर और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स। जुलाई में इन तीनों की महंगाई दर में अलग-अलग बदलाव देखने को मिला।
फ्यूल-पावर की महंगाई में बड़ी गिरावट
जुलाई में फ्यूल और पावर कैटेगरी की महंगाई दर घटकर 20.05 फीसदी रह गई, जबकि जून में यह 27.41 फीसदी थी। यानी इस क्षेत्र में महंगाई में काफी कमी आई है। वहीं, प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई जुलाई में बढ़कर 8.52 फीसदी हो गई, जो जून में 7 फीसदी थी। इसी तरह मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई 7.48 फीसदी से बढ़कर 8.29 फीसदी हो गई।
खाने-पीने की चीजों पर बढ़ा दबाव
थोक महंगाई में खाने-पीने की चीजों का भी अहम योगदान रहा। जुलाई में WPI Food Index की महंगाई दर 6.65 फीसदी रही, जबकि जून में यह 6.14 फीसदी थी। यानी खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फूड आर्टिकल्स, नॉन-फूड आर्टिकल्स, बेसिक मेटल्स, फूड प्रोडक्ट्स और केमिकल प्रोडक्ट्स ने जुलाई की थोक महंगाई को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पिछले एक साल में थोक महंगाई कितनी बढ़ी?
| महीना | थोक महंगाई दर |
| अगस्त 2025 | 0.52% |
| सितंबर 2025 | 0.13% |
| अक्टूबर 2025 | -1.21% |
| नवंबर 2025 | -0.32% |
| दिसंबर 2025 | 0.83% |
| जनवरी 2026 | 1.81% |
| फरवरी 2026 | 2.13% |
| मार्च 2026 | 3.88% |
| अप्रैल 2026 | 8.26% |
| मई 2026 | 9.68% |
| जून 2026 | 9.87% |
| जुलाई 2026 | 9.78% |
मई की महंगाई का आंकड़ा भी बदला
सरकार ने मई 2026 के थोक महंगाई के अंतिम आंकड़े में भी संशोधन किया है। मई का अंतिम सूचकांक 109.9 के शुरुआती अनुमान से बढ़कर 110.1 हो गया। इसी के साथ मई की थोक महंगाई दर भी संशोधित होकर 9.88 फीसदी हो गई है। पहले इसका अनुमान 9.68 फीसदी लगाया गया था।