घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, लेकिन आज के समय में महानगरों में यह सपना अक्सर भारी होम लोन के साथ जुड़ा होता है। अगर आप 1 करोड़ रुपये का होम लोन लेने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत ही नहीं, बल्कि हर महीने जाने वाली EMI और कुल ब्याज का गणित समझना बेहद जरूरी है। सही कैलकुलेशन से आप अपना बजट बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं और भविष्य में आर्थिक दबाव से बच सकते हैं।
1 करोड़ के होम लोन पर EMI कैसे तय होती है?
होम लोन की EMI मुख्य रूप से तीन बातों लोन अमाउंट, ब्याज दर और लोन की अवधि (टेन्योर) पर निर्भर करती है। बैंक आमतौर पर 20 से 30 साल तक की अवधि के लिए होम लोन देते हैं। ब्याज दरें फिलहाल करीब 8.5% से 9.5% के बीच हैं, जो बैंक और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं।
20 साल के लिए EMI कितनी बनेगी?
अगर आप 1 करोड़ रुपये का होम लोन 8% सालाना ब्याज दर पर 20 साल के लिए लेते हैं, तो आपकी मासिक EMI करीब ₹83,644 होगी। इस अवधि में आप बैंक को कुल मिलाकर लगभग ₹2,00,74,562 करोड़ चुकाएंगे, जिसमें करीब ₹1,00,74,562 करोड़ सिर्फ ब्याज होगा।
30 साल की अवधि में EMI होगी कम
अगर आप लोन की अवधि 30 साल रखते हैं, तो EMI घटकर करीब ₹73,376 रह जाएगी। हालांकि, लंबी अवधि का नुकसान यह है कि कुल ब्याज काफी बढ़ जाता है। 30 साल में आप करीब ₹2,64,15,525 करोड़ तक भुगतान करेंगे, यानी लगभग ₹1,64,15,525 करोड़ ब्याज के रूप में जाएगा।
15 साल में लोन चुकाने का क्या फायदा?
अगर आपकी आय अच्छी है और आप जल्दी लोन खत्म करना चाहते हैं, तो 15 साल की अवधि चुन सकते हैं। इस स्थिति में EMI करीब ₹95,565 लाख हो जाएगी, लेकिन कुल ब्याज घटकर लगभग ₹72 लाख रह जाएगा। लंबे समय में यह ऑप्शन ज्यादा किफायती साबित हो सकता है।
बजट प्लानिंग में क्या रखें ध्यान?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आपकी EMI आपकी मासिक आय के 30-40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, इंटीरियर और मेंटेनेंस जैसे खर्चों को भी बजट में शामिल करना जरूरी है। अगर आपकी आय बढ़ने की संभावना है, तो आंशिक प्री-पेमेंट का ऑप्शन भी रखें, जिससे ब्याज का बोझ कम हो सकता है।






































