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SEBI जल्द खत्म कर सकती है डीमैट का सबसे बड़ा झंझट, म्यूचुअल फंड निवेशकों के बैंक में खुद-ब-खुद आएगा पैसा!

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 09, 2026 06:58 am IST,  Updated : Feb 09, 2026 06:59 am IST

SEBI एक ऐसा बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे डीमैट अकाउंट में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वालों की परेशानी खत्म हो सकती है। अब तक हर बार पैसा निकालने या फंड ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग निर्देश देना पड़ता था, लेकिन नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगी।

SEBI का बड़ा प्रस्ताव- India TV Hindi
SEBI का बड़ा प्रस्ताव Image Source : ANI

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए जल्द ही निवेश का अनुभव और भी आसान होने वाला है। खासतौर पर वे निवेशक जो अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स डीमैट अकाउंट में रखते हैं, उनके लिए यह बड़ी राहत की खबर है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एक ऐसा प्रस्ताव पेश किया है, जिससे अब बार-बार फॉर्म भरने और निर्देश देने की परेशानी खत्म हो सकती है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो डीमैट में रखे म्यूचुअल फंड से पैसा तय तारीख पर अपने आप बैंक खाते में आएगा।

अभी क्या है परेशानी?

फिलहाल जो निवेशक म्यूचुअल फंड यूनिट्स डीमैट अकाउंट में रखते हैं, उन्हें हर बार सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) या सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के लिए अलग-अलग निर्देश देने पड़ते हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ समय लेती है, बल्कि कई निवेशकों के लिए काफी जटिल भी होती है। खासकर रिटायर्ड लोग और वे निवेशक जो नियमित आय के लिए SWP पर निर्भर हैं, उन्हें हर महीने यह झंझट झेलना पड़ता है।

क्या बदलाव करने जा रहा है SEBI?

सेबी के नए प्रस्ताव के तहत अब डीमैट अकाउंट में रखी म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर भी स्थायी निर्देश की सुविधा दी जाएगी। इसका मतलब है कि निवेशक एक बार निर्देश देंगे और फिर तय तारीख पर अपने आप पैसा उनके बैंक खाते में आ जाएगा या दूसरे म्यूचुअल फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। अभी तक यह सुविधा सिर्फ स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट (SoA) मोड में निवेश करने वालों को ही मिलती थी।

दो चरणों में लागू होगा नया सिस्टम

यह नया सिस्टम दो चरणों में लागू करने की योजना है।

  • पहले चरण में निवेशक डिपॉजिटरी या स्टॉक एक्सचेंज के जरिए यूनिट और तारीख के आधार पर SWP और STP सेट कर सकेंगे। यह पूरा लेन-देन स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगा।
  • दूसरे चरण में और भी उन्नत विकल्प जोड़े जाएंगे, जैसे रकम के आधार पर निकासी, मुनाफे के हिसाब से ट्रांसफर और स्विंग STP जैसे विकल्प।

निवेशकों को क्या होगा फायदा?

सेबी का कहना है कि इस बदलाव से म्यूचुअल फंड में निवेश करना ज्यादा सहज और पारदर्शी होगा। निवेशकों का अपने पैसों पर कंट्रोल बढ़ेगा और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी कठिन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी। खासतौर पर रिटायर्ड निवेशकों, लंबी अवधि के निवेशकों और नियमित आय चाहने वालों को इससे बड़ा फायदा मिलेगा।

कब तक लागू हो सकता है नियम?

सेबी ने इस प्रस्ताव पर 26 फरवरी तक निवेशकों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा और इसके लागू होने की तारीख घोषित की जाएगी। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो जल्द ही डीमैट म्यूचुअल फंड निवेशकों का बड़ा झंझट हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।

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