देश की सीमाओं पर सुरक्षा को और पुख्ता करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अब बांग्लादेश और नेपाल से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में चलने वाली रिजर्व ट्रेनों में यात्रा करना पहले जितना आसान नहीं होगा। रेलवे मंत्रालय ने इन इलाकों में पहचान पत्र (ID) सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो बिना वैध पहचान के आरक्षित टिकट पर सफर करने की कोशिश करते हैं।
क्या है रेलवे का नया आदेश?
रेलवे बोर्ड ने 4 फरवरी 2026 को सभी जोनल रेलवे को एक पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक, रिजर्व क्लास में यात्रा के दौरान कम से कम एक यात्री को मूल (ओरिजिनल) पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो पूरे समूह को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किन इलाकों में लागू होगी सख्ती?
रेलवे बोर्ड ने 6 फरवरी 2026 को जारी सर्कुलर में साफ कहा है कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में किया जाए। इसमें भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े रेलवे रूट्स शामिल हैं। रेलवे का मानना है कि इससे अवैध यात्रा, फर्जी टिकट और सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं पर रोक लगेगी।
कंसेशन और कोटा टिकट पर भी नजर
रेलवे ने यह भी निर्देश दिया है कि जो यात्री कंसेशन (छूट) का लाभ ले रहे हैं या विशेष कोटा (जैसे सीनियर सिटीजन, स्टूडेंट आदि) के तहत टिकट बुक कर रहे हैं, उन्हें भी अपनी पात्रता साबित करने वाला वैलिड डॉक्यूमेंट दिखाना होगा। पहचान या पात्रता साबित न कर पाने की स्थिति में कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रा के दौरान कौन-कौन से ID मान्य?
रेलवे ने यात्रियों के लिए वैध पहचान पत्रों की सूची पहले से तय कर रखी है। रिजर्व टिकट पर यात्रा करते समय यात्री इनमें से कोई एक मूल पहचान पत्र साथ रख सकते हैं:
- वोटर फोटो पहचान पत्र
- पासपोर्ट
- पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी फोटो ID
- मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का स्टूडेंट ID कार्ड
- राष्ट्रीयकृत बैंक की फोटोयुक्त पासबुक
- आधार कार्ड
यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
रेलवे के इस नए नियम के बाद यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले अपना मूल ID जरूर साथ रखें। खासतौर पर सीमा क्षेत्रों में सफर करने वालों के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जांच के दौरान ID न होने पर जुर्माना, टिकट रद्द होने या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।






































