Sunday, February 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का भारत-रूस तेल डील पर क्या पड़ेगा असर? केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया

अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का भारत-रूस तेल डील पर क्या पड़ेगा असर? केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील ने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। जहां एक तरफ अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को हटाने का ऐलान किया, वहीं व्हाइट हाउस के एक आदेश ने नई बहस को जन्म दे दिया।

Edited By: Shivendra Singh
Published : Feb 08, 2026 11:25 am IST, Updated : Feb 08, 2026 12:09 pm IST
भारत-रूस ऑयल डील पर...- India TV Paisa
Photo:CANVA भारत-रूस ऑयल डील पर सस्पेंस!

भारत और अमेरिका के बीच हालिया ट्रेड डील के बाद एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है कि क्या भारत अब रूस के तेल पर बड़ा फैसला ले सकता है? अमेरिका की ओर से 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाने के साथ जो दावे किए गए, उन्होंने इस बहस को और हवा दे दी है। खासतौर पर तब, जब व्हाइट हाउस के आदेश में भारत द्वारा रूसी तेल आयात रोकने का संकेत दिया गया, लेकिन नई दिल्ली की ओर से इस पर कोई सीधा बयान सामने नहीं आया। इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का जवाब सामने आया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश में कहा गया है कि भारत अब रूस से तेल न तो सीधे खरीदेगा और न ही किसी दूसरे देश के रास्ते मंगाएगा। इसी आधार पर भारत पर लगाया गया 25% पेनल टैरिफ 7 फरवरी 2026 से खत्म कर दिया गया। हालांकि, आदेश में यह भी साफ किया गया कि अगर भारत दोबारा रूस से तेल खरीदता है तो टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि भारत-अमेरिका के जॉइंट स्टेटमेंट में रूस का नाम तक नहीं लिया गया। इसमें केवल इतना कहा गया कि भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के एनर्जी प्रोडक्ट्स, टेक्नोलॉजी और अन्य सामान खरीदेगा।

पीयूष गोयल का जवाब

जब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से रूस से तेल आयात बंद करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस पर विदेश मंत्रालय (MEA) ही स्थिति स्पष्ट करेगा। उनका यह बयान कई लोगों को हैरान कर गया, क्योंकि न तो उन्होंने अमेरिकी दावे को स्वीकार किया और न ही खारिज किया। पीयूष गोयल ने यह जरूर साफ किया कि भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित है और अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कोई ड्यूटी छूट नहीं दी जाएगी।

MEA का रुख

विदेश मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सबसे अहम प्रायोरिटी है। MEA के मुताबिक, भारत अपनी जरूरतों और वैश्विक परिस्थितियों के हिसाब से ऊर्जा सोर्स में विविधता लाता है। फैसले बाजार की स्थिति और देशहित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।

रूस से तेल घटा

आंकड़े बताते हैं कि भारत ने हाल के महीनों में रूस से तेल आयात में कमी की है। जनवरी 2026 में यह घटकर 1.2 मिलियन बैरल रह गया, जो दिसंबर 2025 से कम है। वहीं, अमेरिका से तेल आयात धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, इसे रूस से पूरी तरह दूरी कहना जल्दबाजी होगी।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement