Wednesday, February 25, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. क्या भारत पर 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है अमेरिका? बार-बार बेइज्जत होकर भी क्यों नहीं सुधर रहे ट्रंप

क्या भारत पर 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है अमेरिका? बार-बार बेइज्जत होकर भी क्यों नहीं सुधर रहे ट्रंप

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Jan 08, 2026 01:51 pm IST, Updated : Jan 08, 2026 02:02 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति का खुद उन्हीं के देश में विरोध भी हो रहा है। खास बात यह है कि किसी देश द्वारा जिस रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप हो हल्ला मचा रहे हैं, खुद अमेरिका भी उसका खरीदार है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।- India TV Paisa
Photo:AP अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

क्या अमेरिका भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी में है? यह संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक नए विधेयक (बिल) को मंजूरी देने से मिलता है जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि जो भी देश रूसी पेट्रोलियम खरीद रहे हैं, उन पर भारी टैरिफ लगाए जा सकते हैं। क्योंकि भारत रूस से काफी मात्रा में तेल खरीदता रहा है तो ऐसी संभावना बढ़ती दिख रही है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों को प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदने के लिए सजा देने वाले एक बिल को मंज़ूरी दे दी है।

आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया विधेयक

अमेरिका के साउथ कैरोलिना राज्य से रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई एक बेहद सकारात्मक और प्रोडक्टिव बैठक के बाद उन्होंने एक द्विदलीय (बाइपार्टिजन) बिल को मंजूरी दे दी है। ग्राहम द्वारा पेश किया गया सैंक्शनिंग रशिया एक्ट, जिसे डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमंथल के साथ मिलकर तैयार किया गया है, ट्रंप को उन देशों से होने वाले आयात पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देगा, जो रूस के ऊर्जा क्षेत्र के साथ व्यापार कर रहे हैं। यह विधेयक रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है।

दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ भारत पर है लागू

अमेरिका की तरफ से बीते साल लागू की गई टैरिफ पॉलिसी जो दुनिया के तमाम देशो पर लागू की गई थी, उनमें भारत और ब्राजील पर सबसे ज्यादा टैरिफ लागू किया गया है जो 50 प्रतिशत है। अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से लागू किया है, जबकि खुद अमेरिका भी रूस से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खरीद करता है। वहीं, चीन की बात करें तो अमेरिका भले ही बार-बार उस पर सख्त कार्रवाई की बात करता है, लेकिन टैरिफ लगाने के मामले में हमेशा पीछे हट जाता है।

अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने की है आलोचना

हालांकि, ट्रंप प्रशासन के टैरिफ नीति से जुड़े रवैये को लेकर अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल हमेशा से इसका विरोध करते आए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ (शुल्क) नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप की व्यापार नीति के आर्थिक तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह न केवल एक आर्थिक भ्रांति पर आधारित है, बल्कि इससे संवैधानिक चिंताएं भी पैदा होती हैं। एबीसी के कार्यक्रम “द वीक” को दिए एक इंटरव्यू में रैंड पॉल ने कहा कि विदेशी व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ कांग्रेस की मंजूरी के बिना लागू किए गए हैं, जो आपत्तिजनक है। उन्होंने व्यापार घाटे को लेकर ट्रंप की सोच को गलत बताया।

रैंड पॉल ने कहा कि टैरिफ दरअसल टैक्स होते हैं और जब आप किसी व्यवसाय पर टैक्स लगाते हैं, तो उसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। यानी कीमतें बढ़ेंगी। उनका यह भी तर्क है कि मुक्त वैश्विक व्यापार अर्थव्यवस्था के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक व्यापार वही होता है जिसमें कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी वस्तु को खरीदता है। अगर कोई लेन-देन स्वैच्छिक है, तो वह परिभाषा के अनुसार दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होता है, अन्यथा वह व्यापार होता ही नहीं।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement