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Bitcoin अपने पीक से 50% नीचे लुढ़का, फरवरी सबसे तेज गिरावट वाला महीना, निवेशक हलकान

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 25, 2026 06:55 am IST,  Updated : Feb 25, 2026 07:02 am IST

कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर सेलिंग प्रेशर बना रहता है तो बिटकॉइन $53,000 से $55,000 की रेंज तक भी फिसल सकता है। इधर Bitcoin के उलट देखें तो पिछले छह महीनों में सोने में 54% की बढ़ोतरी हुई है और मंगलवार को यह सिर्फ़ 1% गिरकर $5,154 प्रति औंस पर आ गया।

मंगलवार को लंदन ट्रेडिंग में एक दिन में करीब 4.8% की गिरावट आई।- India TV Hindi
मंगलवार को लंदन ट्रेडिंग में एक दिन में करीब 4.8% की गिरावट आई। Image Source : FREEPIK

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin बीते मंगलवार को अक्टूबर 2025 के पीक जो $126,000 प्रति कॉइन से ऊपर था, ने अपनी वैल्यू से लगभग 50 प्रतिशत नीचे पहुंच गया। मंगलवार को स्पॉट प्राइस $63,000 के स्तर से नीचे ट्रेड हुआ, इंट्राडे लो लगभग $62,964 रहा और सेशन के अंत में कोट्स $63,800 के आसपास थे। आखिर में यह लगभग 3% नीचे बंद हुआ। जानकार का कहना है कि बिटकॉइन ड्रॉडाउन फेज में प्रवेश कर चुका है। 

साल-दर-साल आधार पर 27%–28% नीचे

आंकड़े बताते हैं कि फरवरी महीना साल 2022 के क्रिप्टो वॉशआउट के बाद सबसे तेज गिरावट वाला महीना साबित हो रहा है। साल-दर-साल आधार पर बिटकॉइन लगभग 27%–28% नीचे है। मंगलवार को लंदन ट्रेडिंग में एक दिन में करीब 4.8% की गिरावट आई, हालांकि बाद में कुछ इंट्राडे रिकवरी हुई। यह कमजोरी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं है। कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग आधा हो चुका है और अब $2.2 ट्रिलियन के आसपास है। 

क्या कहते हैं जानकार

coinmarketcap के मुताबिक, विश्लेषकों का कहना है कि Bitcoin में गिरावट के पीछे कई व्यापक आर्थिक दबाव (मैक्रो प्रेशर) एक साथ काम कर रहे हैं। अमेरिका में सभी आयातित वस्तुओं पर 10% शुल्क (टैरिफ) लगाने का फैसला मंगलवार से लागू हो गया। यह कदम पिछले शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के विपरीत है, जिसमें ऐसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों को अवैध ठहराया गया था। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस निर्णय को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी है, जिससे कानूनी और आर्थिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। क्रिप्टो इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म एक्सिस के सीओओ और सह-संस्थापक Jimmy Xue ने इसे इस सप्ताह बाजारों के लिए सबसे बड़ा जोखिम कारक बताया है। उनका कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन टैरिफ अधिकारों के खिलाफ दिए गए फैसले और प्रशासन द्वारा तुरंत सेक्शन 122 शुल्क लागू करने के कदम ने एक उच्च-स्तरीय कानूनी और आर्थिक टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल या आभासी मुद्रा है, जिसे क्रिप्टोग्राफी तकनीक से सुरक्षित किया जाता है। यही तकनीक इसे नकली बनाने या एक ही राशि को दो बार खर्च करने (डबल-स्पेंडिंग) से लगभग असंभव बना देती है। यह मुद्रा विकेंद्रीकृत नेटवर्क पर संचालित होती है और ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है। ब्लॉकचेन एक वितरित डिजिटल खाता-बही है, जिसे कई कंप्यूटरों का नेटवर्क मिलकर सुरक्षित और सत्यापित करता है।

क्रिप्टोकरेंसी की खास बात यह है कि इसे आम तौर पर कोई केंद्रीय बैंक या सरकारी संस्था जारी नहीं करती। फिर भी, अमेरिका में अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने क्रिप्टो एक्सचेंज, ऑनलाइन ब्रोकरेज कंपनियों और अन्य संबंधित संस्थानों के लिए नियामकीय दिशा-निर्देश तय किए हैं, ताकि क्रिप्टो बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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