बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। इस साल का बजट 80,952 करोड़ रुपये का है, जो पिछले साल के बजट 74,427 करोड़ रुपये की तुलना में 8.77% ज्यादा है। खास बात यह है कि बजट का बड़ा हिस्सा विकास कामों पर खर्च करने की योजना बनाई गई है।
पूंजीगत खर्च पर जोर
इस बार BMC ने ₹48,164.28 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए हैं, जो कुल बजट का करीब 60% है। वहीं राजस्व व्यय ₹32,698.44 करोड़ रखा गया है। 2026-27 के लिए अनुमानित राजस्व आय ₹51,510.94 करोड़ है, जिसमें से ₹7,000 करोड़ सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स से जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली बड़ी प्राथमिकता
शहर के यातायात और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी बजट का प्रावधान किया गया है।
- मुंबई कोस्टल रोड (नॉर्थ) और लास्ट लेग के लिए ₹4,700 करोड़
- Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) के लिए ₹2,650 करोड़
- ब्रिज डिपार्टमेंट के लिए ₹9,650 करोड़
- रोड्स एंड ट्रैफिक विभाग के लिए ₹6,875 करोड़
- साउथ मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के लिए ₹950 करोड़
इसके अलावा शहर की 700 किलोमीटर सड़कों को कंक्रीट से बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 342 किलोमीटर सड़कों का काम पहले ही पूरा हो चुका है। साथ ही 5.25 किलोमीटर लंबा कोस्टल रोड प्रोमेनेड भी लोगों के घूमने-फिरने के लिए खोल दिया गया है।
हेल्थ और एजुकेशन पर भी फोकस
सिर्फ सड़कों और पुलों पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों पर भी जोर दिया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए ₹7456.80 करोड़ और एजुकेशन डिपार्टमेंट के लिए ₹4248.08 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पुनर्वास और फंडिंग की नई रणनीति
प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों के लिए 34,129 PAP टेनमेंट्स को मंजूरी दी गई है। साथ ही BMC ग्रीन बॉन्ड और InvIT जैसे ऑप्शन के जरिए फंड जुटाने की तैयारी में है।