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छोटे दुकानदारों के लिए भी फ्री रहेगा UPI, नहीं लगेगी MDR फीस- पेमेंट्स काउंसिल ने दूर की चिंता

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 08, 2026 03:10 pm IST,  Updated : Aug 08, 2026 03:10 pm IST

पीसीआई ने कहा कि 2016 में शुरू होने के बाद से ही यूपीआई उपभोक्ताओं के लिए फ्री रहा है और आगे भी बिना किसी ट्रांजैक्शन फीस के डिजिटल पेमेंट जारी रहेगा।

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छोटे दुकानदारों के लिए भी फ्री रहेगा UPI Image Source : AFP

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने शुक्रवार को कहा कि भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन के बावजूद आम उपभोक्ता और छोटे दुकानदार यूपीआई का फ्री इस्तेमाल करते रहेंगे। ये बयान लोकसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के एक दिन बाद आया है, जिसमें सरकार को यूपीआई समेत अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फीस लगाने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है।

2016 में शुरू हुआ था यूपीआई 

पीसीआई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि 2016 में शुरू होने के बाद से ही यूपीआई उपभोक्ताओं के लिए फ्री रहा है और आगे भी बिना किसी ट्रांजैक्शन फीस के डिजिटल पेमेंट जारी रहेगा। 

किराना दुकानों और छोटे व्यापारियों के लिए फ्री रहेगा यूपीआई

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने ये भी स्पष्ट किया कि किराना दुकानों समेत छोटे व्यापारियों को यूपीआई से भुगतान स्वीकार करने पर एमडीआर फीस नहीं देनी होगी। इसके साथ ही पीसीआई ने कहा कि अगर भविष्य में बड़े कारोबारियों पर एमडीआर फीस लगाई जाती है, तब भी उपभोक्ताओं को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। 

उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा बोझ

PCI ने स्पष्ट किया कि जहां भी लागू हो, एमडीआर फीस सिर्फ कारोबारी और पेमेंट्स सर्विस प्रोवाइडर के बीच व्यावसायिक व्यवस्था होती है और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता है।

वित्त मंत्री ने खारिज किया कांग्रेस का दावा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा था कि एमडीआर फीस ग्राहकों पर नहीं, बल्कि कारोबारियों पर लागू होता है और इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल बैंक और फिनटेक कंपनियां इंफ्रा और सिक्यॉरिटी में सुधार करने में करती हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता जयराश रमेश के उस दावे को भी खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि आम लोगों पर यूपीआई इस्तेमाल का बोझ बढ़ सकता है।

मंगलवार को संसद में पेश हुआ था बिल

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल' पेश किया था। इस बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR लगाने की रोक हटाने का प्रावधान है। संसद में बिल पेश होने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि सरकार व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या फीस के तौर पर 0.25% से 0.40% तक का चार्ज वसूल करने की मंजूरी दे सकती है।

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