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ईरान ने बताया कैसे खुलेगा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', अमेरिका के सामने रखीं कई कड़ी शर्तें

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 08, 2026 10:46 pm IST,  Updated : Aug 08, 2026 10:46 pm IST

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें धमकी और सैन्य कार्रवाई रोकना, नाकेबंदी हटाना, सैनिक वापस बुलाना, युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाना और जमी हुई संपत्तियां जारी करना शामिल है। इस बीच जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी हैं।

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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं। Image Source : INDIA TV

Highlights

  • ईरान ने कहा, अमेरिका अपना रवैया सुधारे तभी होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाएगा।
  • तेहरान ने युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और नुकसान की पूरी भरपाई मांगी।
  • 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ समझौते के करीब पहुंचा ईरान।

दुबई: ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर अमेरिका के सामने कई बड़ी शर्तें रख दी हैं। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं सुधारता, तब तक जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। ईरान की नई मांगों से इस जलमार्ग को लेकर चल रही बातचीत और जटिल हो सकती है। ईरान के सरकारी प्रसारक ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बागेर जोलगद्र का बयान जारी किया। जोलगद्र शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर भी हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज इसी हफ्ते खुल सकता है

अमेरिका के सामने ईरान की कई बड़ी शर्तें

ईरान ने कहा है कि अमेरिका को भविष्य में ईरान को कभी धमकी नहीं देनी चाहिए। साथ ही अमेरिका को ईरान और क्षेत्र में उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों के खिलाफ युद्ध स्थायी रूप से खत्म करना होगा। ईरान की मांग है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की जारी नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटाए और क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी वापस ले। इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान की पूरी भरपाई करने की मांग की है। उसने अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बिना किसी शर्त के जारी करने को भी कहा है। अमेरिका की ओर से इन मांगों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अमेरिका पहले होर्मुज को लेकर एक स्वीकार्य समझौता चाहता है और उसके बाद नाकेबंदी खत्म करने की बात कर रहा है।

ओमान के साथ समझौते के करीब ईरान

ईरान पहले ही कह चुका है कि वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ समझौते के करीब पहुंच गया है। ओमान खाड़ी का एक अरब देश है और इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि ओमान ने बातचीत के बारे में अब तक बहुत कम जानकारी दी है। शनिवार को ओमान ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत 'सकारात्मक और रचनात्मक माहौल' में जारी है। ओमान ने जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों की भी निंदा की।

जहाज पर मिसाइल हमले का दावा

इस बीच होर्मुज से गुजर रहे अबू धाबी की सरकारी तेल और गैस कंपनी ADNOC के एक जहाज पर हमला किया गया। UAE के अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों के दौरान ईरान ने मिसाइल दागी। हालांकि हमले की सटीक जगह और जहाज को हुए नुकसान के बारे में तत्काल जानकारी नहीं दी गई। ADNOC ने कहा कि शनिवार तड़के हुए हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। कंपनी के मुताबिक, फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज से गुजरने वाले उसके एक दर्जन से ज्यादा जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले हो चुके हैं। कंपनी ने बताया कि इन हमलों में उसके एक क्रू सदस्य की मौत हुई है, जबकि 20 लोग घायल हुए हैं।

ब्रिटेन ने भी जहाज पर हमले की जानकारी दी

बाद में ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि ओमान के खसब शहर के पूर्व में एक जहाज पर किसी प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, लेकिन आग पर काबू पा लिया गया। ब्रिटिश अधिकारियों के मुताबिक जहाज और उसके सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि यह वही घटना थी जिसमें ADNOC के जहाज को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता था। ईरान और ओमान फिलहाल इस जलमार्ग के प्रबंधन को लेकर एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में ईरान की नई शर्तें और जहाजों पर हो रहे हमले इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना सकते हैं। अब नजर इस बात पर है कि अमेरिका ईरान की नई मांगों पर क्या रुख अपनाता है और ओमान की मध्यस्थता में दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी समझौते तक पहुंच पाते हैं या नहीं। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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