Friday, February 20, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. फायदे की खबर
  4. एक EMI चूकते ही बढ़ जाएगी आपकी परेशानी! क्रेडिट स्कोर गिरेगा और लोन महंगा, जानें कितना होगा नुकसान?

एक EMI चूकते ही बढ़ जाएगी आपकी परेशानी! क्रेडिट स्कोर गिरेगा और लोन महंगा, जानें कितना होगा नुकसान?

Edited By: Shivendra Singh Published : Feb 20, 2026 06:00 am IST, Updated : Feb 20, 2026 06:00 am IST

आजकल ज्यादातर लोग रोजमर्रा के खर्च, ऑनलाइन शॉपिंग या लोन और क्रेडिट कार्ड पेमेंट के लिए EMI का सहारा लेते हैं। लेकिन केवल एक EMI चूकना भी आपके क्रेडिट स्कोर पर भारी पड़ सकता है। इससे भविष्य में लोन महंगा हो सकता है और आपको अतिरिक्त ब्याज के रूप में हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड बिल न...- India TV Paisa
Photo:CANVA क्रेडिट कार्ड बिल न चुकाने के नुकसान

कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही आपके वित्तीय भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है। अगर आप अपनी लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड की एक किस्त समय पर नहीं चुकाते हैं, तो यह सिर्फ मामूली चूक नहीं रह जाती। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 30 दिन से ज्यादा की देरी आपके क्रेडिट स्कोर पर महीनों तक असर डाल सकती है और भविष्य में मिलने वाले लोन महंगे हो सकते हैं।

EMI छूटना: छोटी गलती, बड़ा असर

रीपेमेंट हिस्ट्री क्रेडिट स्कोर का सबसे अहम हिस्सा होती है। ज्यादातर स्कोरिंग मॉडल में इसका वेटेज करीब 30% होता है। यानी अगर भुगतान में एक भी बड़ी चूक हो जाए तो स्कोर में साफ गिरावट आ सकती है। TransUnion CIBIL और Experian India जैसी क्रेडिट एजेंसियां हर महीने का भुगतान रिकॉर्ड रखती हैं, जो अक्सर 36 महीने तक क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देता है।

30 दिन की देरी क्यों महत्वपूर्ण

क्रेडिट स्कोर पर EMI या बिल की 30 दिन से ज्यादा देरी का असर तुरंत दिखाई देता है। ZET के सीईओ मनीष शरा कहते हैं कि रीपेमेंट हिस्ट्री स्कोर का सबसे बड़ा निर्धारक है। TransUnion CIBIL के अनुसार, एक मिस्ड पेमेंट का असर दो साल तक रह सकता है और लेट पेमेंट की एंट्री 36 महीने तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बनी रहती है।

कम स्कोर का सीधा आर्थिक नुकसान

कम क्रेडिट स्कोर सिर्फ नंबर में गिरावट नहीं है, बल्कि आपकी जेब पर भारी पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन 5 साल के लिए लिया जाए और स्कोर 750 से ऊपर है, तो ब्याज दर 10.5% से 12% हो सकती है। लेकिन स्कोर गिरकर 700 से नीचे चला जाए, तो ब्याज दर 14% तक बढ़ सकती है, जिससे पूरे टेन्योर में 90,000 रुपये से ज्यादा अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। इसी तरह, छोटे लोन पर भी ब्याज का असर हजारों रुपये तक बढ़ सकता है।

क्रेडिट स्कोर सुधारने के उपाय

एक मिस्ड पेमेंट के बाद स्कोर धीरे-धीरे सुधर सकता है। Kiwi के को-फाउंडर अनूप अग्रवाल कहते हैं कि नियमित समय पर भुगतान जारी रखने से 6 से 12 महीने में सुधार दिखता है। SURE के विकास ताराचंदानी और Fibe के अक्षय मेहरोत्रा भी मानते हैं कि अगर आगे समय पर पेमेंट होता रहे तो असर स्थायी नहीं होता।

EMI चूकने पर तुरंत क्या करें

  • बकाया रकम तुरंत चुका दें।
  • अगर देरी तकनीकी कारण से हुई हो, तो लेंडर को तुरंत जानकारी दें।
  • आगे देरी न हो, इसका खास ध्यान रखें।
  • ऑटो डेबिट सेट करें और खाते में हमेशा थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस रखें।
  • ड्यू डेट से पहले रिमाइंडर लगाएं और क्रेडिट कार्ड लिमिट का संतुलित इस्तेमाल करें।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। My Profit से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement