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Share Market: सेंसेक्स 1068 अंक टूटा, निफ्टी 25,450 के नीचे बंद; इन्वेस्टर्स के स्वाहा हुए 6 लाख करोड़ रुपये

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 24, 2026 03:48 pm IST,  Updated : Feb 24, 2026 03:48 pm IST

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1068.74 अंक टूटकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 288.35 अंक फिसलकर 25,424.65 के लेवल पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में बड़ी...- India TV Hindi
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट Image Source : CANVA

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। F&O एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव के बीच बिकवाली हावी रही और प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। आईटी शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार की कमर तोड़ दी, जबकि ग्लोबल संकेतों और रुपये की कमजोरी ने दबाव और बढ़ा दिया।

सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक टूटकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 288.35 अंक गिरकर 25,424.65 के स्तर पर आ गया। निफ्टी 25,450 के नीचे फिसल गया, जिससे बाजार में कमजोरी का साफ संकेत मिला। ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1-1 प्रतिशत तक टूट गए।

आईटी सेक्टर बना गिरावट का मुख्य कारण

सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। वैश्विक स्तर पर AI आधारित टेक्नोलॉजी से जुड़े बदलावों और अमेरिकी बाजार में कमजोरी का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे पुराने तरीके से काम करने वाली सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिज़नेस पर असर पड़ सकता है। इसी डर की वजह से निवेशक घबराए हुए हैं और शेयर बेच रहे हैं।

रुपये में कमजोरी और महंगा कच्चा तेल

रुपया शुरुआती कारोबार में 7 पैसे गिरकर 90.96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दबाव बढ़ाया। ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ाता है।

ग्लोबल संकेत और एक्सपायरी का असर

एशियाई बाजारों में सुस्ती और अमेरिकी बाजारों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया ट्रेड बयान और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। साथ ही, वीकली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के चलते ट्रेडर्स ने पोजिशन काटीं या रोलओवर कीं, जिससे इंट्राडे वोलैटिलिटी बढ़ी।

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