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10 अंकों वाले PAN नंबर का मतलब समझते हैं आप? जानें चौथा लेटर क्या कहता है?

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Feb 21, 2026 11:33 am IST, Updated : Feb 21, 2026 11:44 am IST

आज के समय में पैन कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर वित्तीय गतिविधि की आधारशिला है। चाहे आप नौकरीपेशा हों, व्यवसायी हों या निवेशक-भारत में आर्थिक लेन-देन के लिए पैन कार्ड होना बेहद जरूरी है।

पैन कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। - India TV Paisa
Photo:PIXABAY पैन कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है।

भारत में किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन के लिए पैन कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। पैन कार्ड एक व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज है, जिसे भारत सरकार का आयकर विभाग जारी करता है। यह 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक (अक्षर और अंक मिश्रित) कोड होता है, जो व्यक्ति या संस्था की कर संबंधी जानकारी को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जाता है। टैक्स भरने, बैंक खाता खोलने, निवेश करने या किसी भी बड़े वित्तीय लेन-देन के लिए पैन कार्ड आवश्यक है। लेकिन क्या आपने 10 अंकों के पैन नंबर पर गौर किया है, जो लेटर और डिजिट से मिलकर लिखा है। इसमें अक्षरों और नंबरों के अपने मायने हैं। हम यहां इन्हें समझने की कोशिश करते हैं। 

पैन कार्ड क्या है?

PAN का पूरा नाम Permanent Account Number (स्थायी खाता संख्या) है। इसे आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है। पैन नंबर वित्तीय लेन-देन और कर प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में, PAN कार्ड पहचान का एक बहुत ज्यादा माना जाने वाला और कानूनी विकल्प है।

पैन कार्ड नंबर का फॉर्मेट समझिए

  • पैन नंबर 10 अंकों का होता है, जिसमें अक्षर और अंक शामिल होते हैं। इसका स्वरूप इस प्रकार है:
  • पहले तीन अक्षर अंग्रेजी वर्णमाला के रैंडम अक्षर होते हैं।
  • चौथा अक्षर कार्डधारक की कैटेगरी दर्शाता है। जैसे ‘P’ का मतलब Individual (व्यक्ति) होता है।
  • पांचवां अक्षर धारक के उपनाम (Surname) के पहले अक्षर को दर्शाता है।
  • इसके बाद चार अंक होते हैं।
  • अंत में एक अक्षर या अंक होता है, जो नंबर को पूरी तरह यूनिक बनाता है।

कितने तरह के होते हैं PAN कार्ड

पैन कार्ड मुख्यतौर पर दो तरह के होते हैं। एक, पर्सनल पैन कार्ड और दूसरा, कंपनी पैन कार्ड। पर्सनल पैन कार्ड व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है। यह आईटीआर भरने, व्यक्तिगत निवेश और बैंकिंग से जुड़े काम में महत्वपूर्ण है। कंपनी पैन कार्ड, भारत में रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए जरूरी है। यह कंपनियों के टैक्स भुगतान और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए बेहद जरूरी है। 

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