China Interesting Facts : दुनिया भर के तमाम देशों के राष्ट्रीय प्रतीक काफी खास होते हैं और एक विशेष उद्देश्य से इनको तय किया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर भारत की जाए तो आप जानते ही होंगे कि भारत का राष्ट्रीय पशु, पक्षी या राष्ट्रीय ध्वज किस उद्देश्य से बनाया गया है और इनका क्या महत्व है। जिस तरह भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र दिखता है (जो गति, प्रगति और धर्म का प्रतीक है, जो जीवन की निरंतरता को दर्शाता है) ठीक उसी तरह से हर देश के राष्ट्रीय ध्वज में कोई न कोई चिह्न आपको दिख जाएगा। हम बात करते हैं चीन की, जिसके झंडे पर तारे बने होते हैं। क्या आपने सोचा है कि, चीन के झंडे पर तारे क्यों बने होते हैं आखिर इनका क्या मतलब है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में भी बता देते हैं।
चीन के झंडे का इतिहास
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किंग राजवंश (1862-1912) में चीन का पहला राष्ट्रीय ध्वज पीला ड्रैगन झंडा था, जिसमें पीले रंग की पृष्ठभूमि पर एक नीला ड्रैगन और एक लाल सूरज था, जो रॉयल्टी और हान लोगों का प्रतिनिधित्व करता था। फिर किंग राजवंश के पतन के बाद चीन गणराज्य (1912-1928) में पांच रंगों (लाल, पीला, नीला, सफेद, काला) वाला झंडा अपनाया गया जो हान, हुई, मंचू, मंगोल और तिब्बती जैसे जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करता था। इसके बाद गणराज्य ध्वज आया जिसमें लाल पृष्ठभूमि पर नीले आयत और सफेद सूरज वाला एक झंडा अपनाया गया, जो आज भी ताइवान (ROC) का राष्ट्रीय ध्वज है।

वर्तमान चीनी झंडा क्रांति, कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व और चीनी लोगों के बीच एकता का प्रतिनिधित्व करता है, जो चीन के जटिल इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
वर्तमान चीन झंडे का डिजाइन
वायरल रिपोर्ट्स और दावों के मुताबिक, 1949 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) ने एक नए राष्ट्रीय ध्वज के लिए प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें 3,000 से अधिक डिज़ाइन आए थे। इसमें अर्थशास्त्री ज़ेंग लियानसोंग (Zeng Liansong) का डिज़ाइन चुना गया, जिसमें लाल पृष्ठभूमि और पांच पीले तारे थे।
चीन के झंडे पर बने तारों का मतलब
आपको बता दें कि, चीनी झंडा कम्युनिस्ट क्रांति और चार सामाजिक वर्गों का प्रतीक है। इसका लाल रंग साम्यवाद, क्रांति, और बलिदान का प्रतीक है। इसमें बने 5 सितारों में सबसे बड़ा तारा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) का प्रतिनिधित्व करता है। इसके बाद शेष 4 छोटे तारे मजदूर वर्ग, किसान वर्ग, शहरी निम्न-पूंजीपति वर्ग और राष्ट्रीय पूंजीपति वर्ग (पूंजीपति) जैसे चार सामाजिक वर्गों की एकता का प्रतीक हैं, जो CCP के नेतृत्व में एकजुट हैं। इसे 1 अक्टूबर, 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के दौरान तियानमेन स्क्वायर में पहली बार फहराया गया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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