Saturday, January 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार: विराट रामायण मंदिर में आज स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, 210 टन है वजन, जानें अन्य खासियतें

बिहार: विराट रामायण मंदिर में आज स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, 210 टन है वजन, जानें अन्य खासियतें

बिहार के मोतिहारी स्थित विराट रामायण मंदिर में आज दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। इसका वजन 210 टन है। इसकी अन्य खासियतों के बारे में आप यहां जान सकते हैं।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Jan 17, 2026 11:24 am IST, Updated : Jan 17, 2026 11:24 am IST
Shivling- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT आज दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा

मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी स्थित विराट रामायण मंदिर में आज दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। इस शिवलिंग का वजन 210 टन है और ऊंचाई व गोलाई 33 फीट है। स्थापना कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। इतने भारी शिवलिंग को उठाने के लिए 2 क्रेन भी मंगाई गई हैं, इन क्रेनों की क्षमता 700 एवं 500 टन है। इन क्रेनों को बंगाल और भोपाल से मंगाया गया है।

विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए पूर्वी चंपारण के कैथवलिया को ही क्यों चुना गया? इस बारे में एक श्रद्धालु साधु ने बताया कि भगवान राम की शादी जनकपुर से होकर लौटने के दौरान एक रात्रि यही ठहराव हुआ था। इसके बाद गांव का नाम बहुआरा पड़ा(यानी राम की बहू के ठहराव होने को लेकर बहुआरा गांव बना)। इसका प्रमाण रामजनकी पथ निर्माणाधीन है। वहीं विराट रामायण मंदिर के चौहद्दी में पूरब दिशा में बहुआरा गांव है।

शिवलिंग की खासियत जानें

शिवलिंग की ऊंचाई व गोलाई 33 फीट है। वजन 210 टन है। लक्ष्य 150 एकड़ की जगह है, 120 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में कुल 22 मंदिर व 12 शिखर होंगे। मंदिर की लंबाई 1080 व चौड़ाई 540 वर्गफीट होगी। सबसे ऊंचे शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। इसके बाद एक शिखर 190, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, पांच शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी। परिसर की भव्यता देखने के लिए अभी से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

विराट रामायण मंदिर की एक और विशेषता है। ये मंदिर प्रभु श्रीराम के नगर अयोध्या व माता सीता की जन्मभूमि नेपाल के धाम जनकपुर के बीच मोतिहारी के कैथवलिया के भूखंड पर तैयार हो रहा है। इसका नामकरण जानकी नगर के रूप में किया गया है। रामजनकी पथ निर्माण रास्ते से अयोध्या से इस मंदिर की दूरी 315 किलोमीटर है। जनकपुरधाम से करीब 115 किलोमीटर है। बिहार की राजधानी पटना से 120 किलोमीटर है। यानी अयोध्या से जनकपुरधाम के लिए बन रही रामजानकी पथ के किनारे जानकी नगर में यह मंदिर अपने स्थान संग अपनी भव्यता के लिए समस्त संसार में विख्यात होगा। (इनपुट: मोतिहारी से अरविंद कुमार)

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement