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'रॉकेट मिसाइल फोर्स' क्या है? भारतीय सेना को इसकी जरूरत क्यों? इससे कैसे कांपेंगे हमारे दुश्मन

चीन-पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए भारतीय सेना बड़े गेम-चेंजर की तैयारी में है। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इशारा किया कि रॉकेट मिसाइल फोर्स के साथ भारतीय सेना अब दुश्मन के इलाके में दूर तक सटीक मार करेगी।

Edited By: Vinay Trivedi
Published : Jan 14, 2026 01:03 pm IST, Updated : Jan 14, 2026 06:37 pm IST
चीन और पाकिस्तान को...- India TV Hindi
Image Source : PTI चीन और पाकिस्तान को जवाब देने की सबसे बड़ी तैयारी

नई दिल्ली: भारतीय सेना अपनी क्षमता को एक नए लेवल पर ले जाने की तैयारी में है। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत एक रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाने के बारे में सोच रहा है। पड़ोसी देशों की सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा के बदलते समीकरणों के मद्देनजर यह कदम वक्त की मांग बन गया है। इस आर्टिकल में जानिए कि रॉकेट-मिसाइल फोर्स क्या होती है, भारतीय सेना को इसकी जरूरत क्यों है और यह हमारे देश की सुरक्षा को और कैसे मजबूत करेगी।

रॉकेट मिसाइल फोर्स क्या है?

आसान भाषा में कहें तो रॉकेट मिसाइल फोर्स सेना की एक ऐसी स्पेशल यूनिट या कमान होगी, जिसका फोकस महज लंबी दूरी के हमलों पर होगा। वर्तमान में, इंडियन आर्मी के पास जो रॉकेट और मिसाइलें हैं, वे अलग-अलग भागों में बंटे हुए हैं। कुछ का कंट्रोल आर्टिलरी रेजीमेंट करती है, तो कुछ आर्मी एयर डिफेंस के पास है।

नई फोर्स में क्या होगा?

इस नई फोर्स में मिसाइल और रॉकेट की ताकत को एक छत के नीचे लाने का काम किया जाएगा। यह एक Integrated फोर्स होगी जो दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और विनाशकारी अटैक करने के लिए रॉकेट और मिसाइलों का मिला-जुला इस्तेमाल करेगा। इसका मकसद दुश्मन के बार्डर में Deep Strike मार करना है।

भारतीय सेना को इसकी जरूरत क्यों है?

जनरल द्विवेदी के मुताबिक, भारतीय सेना के लिए ऐसी रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाना अब एक ऑप्शन नहीं, बल्कि मजबूरी और जरूरत दोनों है। इसकी मुख्य वजहों में सबसे पहली पड़ोसियों की चुनौती है। हमारे देश के 2 प्रमुख पड़ोसी चीन और पाकिस्तान, पहले से ही अपनी रॉकेट मिसाइल फोर्स बना चुके हैं।

चीन की People's Liberation Army Rocket Force 2016 से एक्टिव है और इसे विश्व की सबसे खतरनाक मिसाइल फोर्स में से एक माना जाता है। इसके अलावा, पाकिस्तान भी अपनी रॉकेट फोर्स बना चुका है।

इसकी एक वजह, आधुनिक समय में युद्ध का बदलता तरीका भी है। ऑपरेशन सिंदूर और Modern Wars से मिले सबक यह बताता है कि अब जंग महज आमने-सामने की नहीं रही है। अब सेना को स्मार्ट तरीके से सोचने, सब कुछ देखने और गहराई तक मार करने की जरूरत है।

आज के समय में सटीक और बड़ा हमला करने की जरूरत भी है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर हमें Major Impact डालना है, तो हमको मिसाइल और रॉकेट दोनों की एक साथ जरूरत है।

रॉकेट-मिसाइल फोर्स में कौन से हथियार होंगे शामिल?

इस फोर्स की खासियत मिसाइलों और रॉकेट्स की परस्पर निर्भरता होगी। रॉकेट का उपयोग एक बड़े इलाके में भारी बमबारी के लिए किया जाता है, जबकि मिसाइलें पिन-पॉइंट सटीक मार के लिए होती हैं।

भारत के संभावित हथियार जो इसमें शामिल हो सकते हैं-

BrahMos- यह विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो लंबी दूरी पर मौजूद निशाने पर सटीक वार करने में सक्षम है।

Pralay- यह सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल है

Pinaka- यह एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो शत्रु के खेमे में तबाही मचा सकता है।

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