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भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं ममता बनर्जी, EVM पर बवाल; BJP ने TMC पर लगाए मारपीट के आरोप

 Published : Apr 30, 2026 10:32 pm IST,  Updated : May 01, 2026 12:10 am IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और EVM छेड़छाड़ के आरोप लगाए। TMC के अन्य नेताओं ने भी गड़बड़ी का दावा किया। कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर BJP और TMC के समर्थकों के बीच झड़प हुई।

Mamata Banerjee EVM allegation, Bhabanipur strong room controversy- India TV Hindi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC के कार्यकर्ताओं को स्ट्रॉन्ग रूम जाने से रोकते सुरक्षाकर्मी। Image Source : PTI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और EVM में छेड़छाड़ और धांधली के आरोप लगाए। यह स्ट्रॉन्ग रूम दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में बनाया गया है, जहां 29 अप्रैल को हुए मतदान की EVM रखी गई हैं। ममता बनर्जी भारी बारिश के बीच शाम को वहां पहुंची थीं और देर रात बाहर आईं। इस दौरान कोलकाता के महापौर और टीएमसी नेता फिरहाद हाकिम भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वे मुख्यमंत्री से नहीं मिल सके। इस बीच स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी बवाल हो गया और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया।

TMC ने कहा- EVM के साथ हो रही छेड़छाड़

फिरहाद हाकिम ने कहा कि ममता बनर्जी अपने चुनाव एजेंट के साथ पहले ही अंदर जा चुकी थीं और उम्मीदवार होने के अधिकार के तहत निरीक्षण कर रही थीं। हाकिम ने कहा, 'मुझे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए मैं यह नहीं बता सकता कि अंदर क्या हो रहा है।' यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब पार्टी के दो वरिष्ठ उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि यहां रखी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि दोपहर करीब 3:30 बजे तक पार्टी कार्यकर्ता स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मौजूद थे, लेकिन अचानक एक ईमेल के जरिए सूचना दी गई कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा।

TMC  नेता कुणाल घोष ने लगाए गड़बड़ी के आरोप

कुणाल घोष ने कहा, 'जब हमने अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया तो पता चला कि वे वहां से जा चुके हैं। हम तुरंत पहुंचे, लेकिन हमें अंदर जाने नहीं दिया गया, जबकि बीजेपी को बुलाया जा रहा है।' उन्होंने लाइव स्ट्रीम में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए और पूछा कि अगर पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया चल रही है, तो उसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। हालांकि चुनाव आयोग ने TMC के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया और कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग ने बाद में इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

चौरंगी इलाके में भी BJP-TMC समर्थकों में झड़प

शशि पांजा ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम बेहद संवेदनशील जगह होती है और इसे खोलने से पहले सभी राजनीतिक दलों को जानकारी दी जानी चाहिए थी। इस बीच, कोलकाता के चौरंगी इलाके में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों के बीच झड़प हो गई। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब बीजेपी नेता तपस रॉय मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

'4 मई के बाद लोग आपको फुटपाथ पर बिठा देंगे'

TMC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष के स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरने पर श्यामपुकुर से बीजेपी उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा, 'हार का डर उन्हें सता रहा है। जिस तरह से बंगाल की जनता और श्यामपुकुर की जनता ने अपना जनादेश कल दे दिया है। यही बात श्यामपुकुर से TMC उम्मीदवार को परेशान कर रही है और वह यहां आकर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने पूरी ज़िंदगी गैर-कानूनी काम किए हैं। आज भी वे गैर-कानूनी तरीके से धरने पर बैठे। उन्होंने अफवाह फैलाने की कोशिश की। लेकिन CCTV फुटेज और बाकी सब कुछ है। ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए। आप TMC के गुंडों को लाते हैं और उनसे नारे लगवाते हैं और गाली-गलौज करवाते हैं। यह TMC का कल्चर है। लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी कि आज आप धरने पर बैठे, 4 मई के बाद लोग आपको फुटपाथ पर बिठा देंगे।'

TMC के आरोपों का चुनाव आयोग ने दिया जवाब

ईवीएम को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के संदर्भ में कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है। चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर में कुल 7 विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं। सभी स्ट्रॉन्ग रूम मतदान खत्म होने के बाद उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षक की मौजूदगी में सील किए गए थे। आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम सुबह करीब 5:15 बजे बंद किया गया।

'सभी EVM सुरक्षित तरीके से सील कर रखी गई हैं'

आयोग के अनुसार, सभी EVM सुरक्षित तरीके से सील कर रखी गई हैं। इसके अलावा उसी परिसर में पोस्टल बैलेट के लिए अलग स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है, जहां विभिन्न पोलिंग कर्मियों और ETBPS के तहत आए मतपत्र रखे गए हैं। EC ने बताया कि इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों (RO) को दी गई थी, और RO ने ईमेल के जरिए उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को भी सूचित किया था। पोस्टल बैलेट की छंटनी शाम 4 बजे से स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में की जा रही थी, जबकि मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह बंद और सुरक्षित रहे। आयोग ने यह भी कहा कि पूरी स्थिति शशि पांजा, कुणाल घोष और बीजेपी नेता काली को दिखा दी गई थी।

मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने कसी कमर

मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए नया क्यूआर कोड आधारित पहचान सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य मतगणना केंद्रों में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकना है। यह नई व्यवस्था 4 मई को होने वाली वोटों की गिनती से पहले लागू की जाएगी। इसी दिन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 5 राज्यों की 7 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी घोषित होंगे। चुनाव आयोग ने मतगणना को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा भी काफी कड़ी की हुई है।

हाईकोर्ट से भी तृणमूल कांग्रेस को लगा झटका

इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जावेद अहमद की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में उन्होंने कस्बा विधानसभा क्षेत्र के मतगणना केंद्र को बदलने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले में कोई गैर-कानूनी बात नहीं है। न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि सामान्य तौर पर मतगणना केंद्र जिला मुख्यालय में ही बनाए जाते हैं और केवल विशेष परिस्थितियों में ही उन्हें उप-संभागीय मुख्यालय में रखा जा सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना केंद्र को गीतांजलि स्टेडियम से बिहारी लाल कॉलेज ट्रांसफर करने में कोई कानूनी गड़बड़ी नहीं है। इसके साथ ही खान की याचिका खारिज कर दी गई। बता दें कि खान इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं।

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