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Sheetla Shashti Upay: शनिवार के दिन रखा जाएगा शीतला षष्ठी व्रत, सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए करें ये उपाय

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Arti Azad
 Published : Jan 23, 2026 10:08 pm IST,  Updated : Jan 30, 2026 09:29 pm IST

Sheetla Shashti Upay: शीतला षष्ठी के दिन व्रत और पूजा करने से संतान सुख और अनंत सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन ठंडे या बांसी भोजन का भोग लगाकर शीतला माता को प्रसन्न किया जाता है। इस शुभ दिन पर सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए कुछ उपाय बताए गए है। चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में।

Sheetla Shashti Upay शीतला षष्ठी पर करें ये उपाय- India TV Hindi
शीतला षष्ठी पर करें ये विशेष उपाय Image Source : FACEBOOK

Sheetla Shashti Upay: 24 जनवरी 2026 को शीतला षष्ठी का पावन व्रत रखा जाएगा। माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत मां शीतला को समर्पित है। इस दिन देवी शीतला की पूजा और व्रत करने से मन को शांति मिलती है, सौभाग्य की प्राप्ति होती है और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलने के योग बनते हैं। श्रद्धा के साथ यह व्रत करने से इसका पूर्ण फल प्राप्त किया जा सकता है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश जी से जानते हैं सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए शीतला षष्ठी के दिन करें जाने वाले कुछ सरल उपाय...

शीतला माता के व्रत का महत्व

कल शीतला षष्ठी है। जैसे की आप सभी जानते है की हर साल माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी को शीतला षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, यह पूजा इस दिन केवल बंगाल में ही होती है, लेकिन आप कहीं भी हो इस दिन शीतला माता की पूजा और व्रत आदि करके लाभ पा सकते है। आज के दिन व्रत रखने से संतान पक्ष की ओर से खुशखबरी और अनंत सौभाग्य की प्राप्ति होती है साथ ही मन शीतल होता है। कहा जाता है जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति कि इच्छा है उन महिलाओं को आज के दिन शीतला माता का व्रत अवश्य रखना चहिए।

आज के दिन ठंडा या कहें बांसी खाना खाने का रिवाज है। शास्त्रों के अनुसार, शीतला का मतलब ठंडा होता है और शीतला माता को ठंडी चीजों से लगाव है। इसलिए शीतला माता को खुश करने के लिए उन्हें ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। शीतला षष्ठी से एक दिन पहले पकवान बनाया जाता है और अगले दिन सुबह जल्दी उठकर शीतला मां की पूजा किया हैं और देवी मां को भी पिछले दिन का बना बांसी व ठंडा खाना भोग में चढ़ाया जाता है और घर आकर वही बांसी खाना खाया जाता है। इस दिन देवी मां को मीठे चावल, हलवा, पूड़ी, पुए और दही के बने पकवान चढ़ाने का चलन है। अगर एक दिन पहले भोग बनाना सम्भव ना हो तो सुबह जल्दी उठकर पकवान बनाकर शाम को पूजा भी किया जा सकता है।

शीतला षष्ठी पर करें ये विशेष उपाय

मंत्र जाप

शीतला माता को प्रसन्न करने के लिए "ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः" मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और रोगों से रक्षा होती है।

नीम के पत्ते और जल का प्रयोग
पूजा के दौरान नीम के पत्ते और जल शीतला माता को अर्पित करें। इसके साथ ही घर के चारों ओर पवित्र जल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

दान-पुण्य का महत्व
इस दिन दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। पानी का बर्तन या अन्य उपयोगी वस्तुएं जरूरतमंद को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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