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'विपक्ष में राहुल गांधी जैसा नेता होना भारत का दुर्भाग्य', कपड़ा उद्योग से जुड़े आरोपों पर गिरिराज सिंह का राहुल गांधी को करारा जवाब

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 23, 2026 07:39 pm IST,  Updated : Jan 23, 2026 08:46 pm IST

गिरिराज सिंह ने सरकारी आंकड़े पेश करते हुए यह साबित किया कि भारतीय कपड़ा बाजार पर अमेरिकी टैरिफ का कोई असर नहीं पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि उनके आंकड़ों को गलत साबित करें या माफी मांगें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। इससे अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो गया है और इसकी मांग कम हुई है। हालांकि, भारत सरकार ने अन्य देशों के साथ समझौते कर निर्यात की नई संभावनाएं तलाशी हैं। इस वजह से अमिरिकी टैरिफ का असर बेहद कम हुआ है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो शेयर कर आरोप लगाए थे कि अमेरिकी टैरिफ से भारत का कपड़ा व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने आंकड़ों के साथ राहुल गांधी के आरोपों को गलत साबित किया है।

राहुल ने वीडियो शेयर किया था, उसमें देखा जा सकता है कि वह कपड़ा बनाने वाली एक फैक्ट्री में गए थे और फैक्ट्री के मालिक से बात की थी। इस वीडियो में मालिक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उनकी फैक्ट्री बंद होने वाली है। हालांकि, गिरिराज सिंह ने बताया कि भारत का कपड़ा निर्यात पिछले सालों की तुलना में बढ़ा है।

गिरिराज सिंह ने क्या कहा?

गिरिराज सिंह ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि यूएस टैरिफ का टेक्सटाइल्स पर असर नहीं हुआ है। गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी झूठे हैं। भारत के कपड़ा उद्योग का नहीं बल्कि, राहुल गांधी के दिमाग का शट डाउन हुआ है। अमेरिकी टैरिफ से कपड़ा निर्यात पर नकारात्मक असर नहीं हुआ है। सरकार ने 40 देशों पर काम कर निर्यात के रास्ते खोले हैं। गिरिराज सिंह ने आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा, "या तो हमारे आंकड़े गलत साबित करें या माफी मांगें।" उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सिर्फ टेक्सटाइल्स में 4/5 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है।

सरकारी आंकड़ों में सामने आई हकीकत

सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया कि भारत की एक्सपोर्ट ताकत डाइवर्सिफिकेशन में है। अब हम किसी एक मार्केट या जगह पर निर्भर नहीं हैं। एक्सपोर्ट में डाइवर्सिफिकेशन हाल के टैरिफ बदलावों से काफी पहले शुरू हो गया था। 40 से ज्यादा नए देशों को टारगेट किया और 25 से ज्‍यादा देशों में इस वर्ष एक्‍सपोर्ट ग्रोथ दर्ज की गई। कोविड के बाद 1.8 करोड़ स्‍वींग मशीन मार्केट में आये, जिससे करीबन 3 करोड़ नौकरियां सृजित हो रही हैं। इस दशक में हम 5 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां टेक्‍सटाइल सेक्‍टर में सृजित करेंगे। 

कपड़ा निर्यात के आंकड़े
समयआवधि 2024 2025 ग्रोथ
दिसंबर 27,710  करोड़ रुपये 29,492  करोड़ रुपये 6.5%
अप्रैल से दिसंबर के बीच 2.23 लाख करोड़ रुपये 2.32 लाख करोड़ रुपये 3.8%
जनवरी से दिसंबर के बीच 3.15 लाख करोड़ रुपये 3.27 लाख करोड़ रुपये 3.80%
अप्रैल से दिसंबर के बीच (सिर्फ गारमेंट्स) करीनब 95000 करोड़ रुपये करीनब 1.02 लाख करोड़ रुपये 7%

डेड इकोनॉमी नहीं है भारत

गिरिराज ने कहा कि भारत अगर डेड इकोनॉमी होती तो 2025 में 65,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट कैसे होता? राहुल बाबा का भारत को डेड इकोनॉमी है कहना, उनकी अपनी डेड माइंडसेट की पहचान है। यह अज्ञानता, गैर-जिम्मेदारी और नकारात्मक सोच का सीधा प्रदर्शन है। दिसंबूर 2024 में भारत से 27,710 करोड़ रुपये के कपड़े का निर्यात हुआ था। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा 6.5% की ग्रोथ के साथ 29,492 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

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