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सुपर ओवर के रन और विकेट बल्लेबाज और गेंदबाज के खाते में क्यों नहीं जुड़ते, ये हैं इसके पीछे की 3 बड़ी वजह

 Published : Apr 27, 2026 07:54 am IST,  Updated : Apr 27, 2026 07:54 am IST

सुपर ओवर में केकेआर के लिए सुनील नारायण और फिर रिंकू सिंह ने कमाल का प्रदर्शन किया, लेकिन जो भी योगदान उन्होंने दिया, वो रन और विकेट उनके करियर में नहीं जोड़े जाएंगे। ऐसा क्यों है, ये आपको पता होना चाहिए।

Rinku Singh and Sunil  Narine- India TV Hindi
रिंकू सिंह और सुनील नारायण Image Source : AP

सुपर ओवर यानी छह छह बॉल का हाईस्पीड मुकाबला। जब 20 ओवर के खेल में​ रिजल्ट नहीं आता है तो फिर क्रिकेट में सुपर ओवर कराया जाता है। लेकिन आपको शायद जानकर  हैरानी होगी कि सुपर ओवर में बल्लेबाज जो रन बनाते हैं और गेंदबाज जो विकेट लेते हैं, वो उसके खाते में नहीं जुड़ते हैं। इसके पीछे की वजह क्या है। चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा आखिर क्यों है। हम आपको तीन वजहें बताते हैं, जिससे आप भी समझ जाएंगे कि ऐसा क्यों होता है। इसके पीछे लॉजिक भी है, जो आपको जानना चाहिए। 

मैच का रिजल्ट निकालने के लिए कराया जाता है सुपर ओवर

आईपीएल 2026 में रविवार रात एलएसजी और केकेआर के बीच सुपर ओवर खेला गया, जिसमें केकेआर ने मैच अपने नाम कर लिया। इस मैच में सुनील नारायण ने दो विकेट लिए और रिंकू सिंह ने चौका लगाया। लेकिन दोनों के करियर में ये रन और विकेट नहीं जोड़े गए हैं। दरअसल इसके पीछे की मुख्य और बड़ी वजह ये है कि सुपर ओवर मैच का रिजल्ट तय करने के लिए होता है। मैच तो 20 या फिर 50 ओवर में ही खत्म हो जाता है, लेकिन अगर ये टाई रहता है तब ही सुपर ओवर होता है, यानी केवल मैच का परिणाम तय करने के लिए, बाकी इसका कोई भी इस्तेमाल नहीं है। 

क्रिकेट में भी लागू होता है फुटबॉल का ये नियम

आपको बता दें कि क्रिकेट का ये नियम बिल्कुल फुटबॉल जैसा ही है। जिस तरह से मैच बराबरी पर समाप्त होने पर फुटबॉल में टाई ब्रेकर होता है, उसी तरह क्रिकेट में सुपर ओवर कराय जाता है। टाई ब्रेकर के गोल से टीम की जीत और हार तय होती है, ये गोल खिलाड़ी के खाते में शामिल नहीं किए जाते, ऐसा ही क्रिकेट में भी है। इस नियम का दूसरा कारण ये है कि इससे खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं हो पाता। 20 ओवर के मैच में हर खिलाड़ी के पास बराबर मौका होता है, लेकिन सुपर ओवर में केवल एक ही बॉलर गेंदबाजी करता है और केवल तीन बैटर बैटिंग कर पाते हैं, बाकी को मौका नहीं मिलता। ऐसे में जो खिलाड़ी सुपर ओवर नहीं खेला, उसके साथ गलत ना हो, इसलिए इसके आंकड़े खिलाड़ी के खाते में नहीं जोड़े जाते। 

क्रिकेट के नियमों में समानता रखने के लिए ये बहुत जरूरी

इसके बाद तीसरा और सबसे अहम कारण, जो इसके पीछे है, वो ये है कि टी20 क्रिकेट हो या फिर वनडे, इसमें हर खिलाड़ी के लिए निर्धारित है कि वो इससे ज्यादा ओवर नहीं कर पाएगा। जैसे टी20 क्रिकेट में कोई भी गेंदबाज चार ओवर से ज्यादा नहीं फेंक सकता। वनडे में एक गेंदबाज अधिक से अधिक दस ही ओवर कर सकता है, लेकिन अगर सुपर ओवर के आंकड़े जोड़ दिए जाएंगे तो एक गेंदबाज के टी20 में 5 या फिर वनडे में 11 ओवर हो जाएंगे और बाकी के नियमों के तहत कम रह जाएंगे। इसे ठीक नहीं माना जाता। इसलिए ये नियम बनाया गया है। आगे जब भी कभी सुपर ओवर हो तो आपको पता रहना चाहिए कि इसमें चाहे कितने भी रन बन जाएं और चाहे कितने भी विकेट ले लिए जाएं, लेकिन ये आंकड़ों में नहीं जोड़े जाते। 

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