ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार शाम को पुलिस और इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं के बीच शाहबाग इलाके में मारे गए छात्र नेता उस्मान हादी के लिए न्याय की मांग को लेकर फिर से झड़पें हुईं। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में ढाका-18 के निर्दलीय उम्मीदवार मोहिउद्दीन रोनी सहित लगभग 40 से 50 लोग घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। यह प्रदर्शन बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के आवास के सामने हुआ।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव शाम 7:50 बजे के आसपास उस वक्त शुरू हुआ, जब पुलिस शाहबाग चौराहे से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश कर रही थी। दोपहर से ही तनाव बना हुआ था क्योंकि प्रदर्शनकारी उस्मान हादी की हत्या के लिए न्याय और संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जांच की मांग कर रहे थे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि पुलिस ने पुष्टि की कि झड़पों के बाद इलाज के लिए लगभग 50 कार्यकर्ताओं को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।
कौन था उस्मान हादी?
उस्मान हादी बांग्लादेश में 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख कार्यकर्ता था। जुलाई 2024 में हुए इस विद्रोह के चलते तत्कालीन प्रधान मंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार चली गई और उन्हें देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी। उस्मान हादी 12 फरवरी को होनेवाले संसदीय चुनावों में उम्मीदवार भी था। उस्मान हादी को 12 दिसंबर 2025 को राजधानी ठाका में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मार दी गई थी और बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अंतरिम सरकार का रुख
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उस्मान हादी हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि सरकार पूर्ण निष्पक्षता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जांच का जिम्मा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) को सौंपने के लिए कहेगी। झड़पों के बाद अपने बयान में, यूनुस के ऑफिस ने दोहराया कि अंतरिम सरकार UN जांच के "कानूनी पहलुओं की गहराई से समीक्षा कर रही है" और 8 फरवरी को संबंधित UN एजेंसी को एक पत्र भेजेगी।