भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम जिनपर सभी की नजरें 6 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ हुए वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले पर थी, उन्होंने बिल्कुल भी निराश नहीं किया। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टूर्नामेंट में खेल रही टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में भी अपने अजेय अभियान को जारी रखा और इंग्लैंड की अंडर-19 टीम को एकतरफा 100 रनों से मात देने के साथ छठी बार खिताब को अपने नाम किया। वहीं सभी की नजरें वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया को आईसीसी की तरफ से मिलने वाले प्राइज मनी पर भी थी, लेकिन उन्हें सिर्फ ट्रॉफी मिली, जिसके पीछे आईसीसी का प्राइज मनी ना देने का एक बड़ा फैसला सामने आया।
इस वजह से आईसीसी ने नहीं दी कोई प्राइज मनी
टीम इंडिया के अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद आईसीसी की तरफ से प्राइज मनी ना देने की पीछे की बड़ी वजह ये है कि ICC U19 वर्ल्ड कप को युवा क्रिकेटरों की मेंटरशिप के लिए इसे एक डेवलपमेंट प्रोग्राम मानता है, इसलिए वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों को प्राइज मनी नहीं दिए जाने का फैसला लिया गया है। इसके पीछे का विचार यह है कि टीमों को पहले से ही क्रिकेट डेवलपमेंट फंड के तौर पर ICC रेवेन्यू का एक हिस्सा मिलता है और इस टूर्नामेंट को क्रिकेट डेवलपमेंट माना जाता है इसलिए उन्हें दोबारा प्राइज मनी देने का मतलब डबल प्राइज मनी देना होगा।
बीसीसीआई की तरफ से प्राइज मनी के ऐलान का सभी को इंतजार
आईसीसी की तरफ से प्राइज मनी नहीं मिलने के बाद ऐसा नहीं है कि आयुष म्हात्रे की कप्तानी में जीतने वाली भारतीय अंडर-19 टीम को कुछ नहीं मिलेगा। अब सभी की नजरें बीसीसीआई पर हैं, जिनको लेकर ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वह प्राइज मनी को लेकर जल्द बड़ा ऐलान करेंगे। साल 2022 में जब यश ढुल की कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था तो उसमें बीसीसीआई ने हर खिलाड़ी को 40 लाख रुपये और हर सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपये प्राइज मनी के तौर पर दिए थे।
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