नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई और इसका ऐलान भी कर दिया गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत-अमेरिका ने संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई।
मील का पत्थर साबित होगा
इस बयान के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौता दोनों देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जो आपसी हितों और ठोस परिणामों के आधार पर पारस्परिक और संतुलित व्यापार के प्रति एक साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समझौते की प्रमुख शर्तों में क्या है?
समझौते की प्रमुख शर्तों में भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।
संयुक्त बयान के अनुसार अमेरिका, भारत में उत्पादित प्रोडक्ट्स पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा। इन वस्तुओं में कपड़े और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबड़, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
समझौते को तुरंत लागू करेंगे
बयान में कहा गया है कि अमेरिका और भारत इस रूपरेखा को तुरंत लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे ताकि सहमत रूपरेखा के अनुरूप पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा किया जा सके।
भारतीय अनाज को मिला पूरा संरक्षण
- रागी
- गेंहू
- कोपरा
- स्यामक
- अमरंथ
- कोदो
- मक्का
- बाजरा
- चावल
- कांगनी
- जौ
- ओट्स
- जवार
- मैदा
- छिल्का रहित अनाज
- आटा (गेंहू, मक्का, चावल, बाजरा, आदि)

कृषि उत्पादों को संरक्षण
- प्याज
- भिडी
- आलू
- कद्दू
- मटर
- लहसुन
- फलियां
- खीरा
- मशरूम
- शिमला मिर्च
- तोरी
- काबुली चना
- कुंदरू
- शकरकंद

इस ट्रेड डील में केला, आम, स्ट्रॉबेरी, सूखा सेब, इमली, अन्य सूखे फल के अलावा साइट्रस फलों में संतरा, मैंडरिन चकोतरा, नींबू, अंगूर आदि भारतीय फल प्रोडक्ट्स को भी संरक्षण मिला है। वहीं भारतीय दुग्ध उत्पादों दूध (तरल, पाउडर, कंडेंशस्ड), क्रीम, योगहर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, चीज (मोजरेला, ब्लू वेंड, ग्रेटेड/पाउडर्ड आदि), बटर ऑयल, पनीर और अन्य उत्पाद, व्हे प्रोडक्ट्स आदि को भी संरक्षण मिला है।

इस ट्रेड डील में भारतीय मसालों जैसे काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी (छाल,फूल आदि), धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, सरसों, राई आदि को पूरा संरक्षण मिला है। साथ ही भारतीय चाय जैसे ब्लैक टी, ग्रीन टी और चाय बैग को भी पूरा संरक्षण मिला है।
30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुलेगा:पीयूष गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की रूपरेखा पर सहमति से भारतीय निर्यातकों, विशेष तौर पर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर का सृजन होगा। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुल जाएगा। निर्यात में वृद्धि से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।''
उन्होंने कहा कि इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (अमेरिका) में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, घरों में सजवाट के सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काफी अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयां, रत्न एवं हीरा तथा विमान के कल-पुर्जे सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और 'मेक इन इंडिया' को और बढ़ावा मिलेगा। गोयल ने कहा, ''भारत को विमान के कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, वाहन कल- पुर्जों पर शुल्क दर कोटा से लाभ भी मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में मजबूत वृद्धि होगी।''