Surya Grahan 2026: महाशिवरात्रि के बाद लगेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, 3 राशियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर
Surya Grahan 2026: महाशिवरात्रि के बाद लगेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, 3 राशियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Feb 11, 2026 07:06 am IST,
Updated : Feb 11, 2026 07:06 am IST
Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को यानी महाशिवरात्रि के दो दिन बाद लगने जा रहा है। जानिए इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा।
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महाशिवरात्रि के बाद सूर्य ग्रहण
Surya Grahan 2026: 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा ग्रहण वलयाकार यानी रिंग ऑफ फायर सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी और समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक काल भी नहीं लगेगा। लेकिन ज्योतिष की मानें तो ग्रहण का कुछ न कुछ असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। यहां हम आपको 3 ऐसी राशियों के बारे में बताएंगे जिन पर इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए साल का पहला सूर्य ग्रहण परेशानियां लेकर आएगा।
करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर हो सकती है।
किसी भी काम में बेहद सावधानी बरतनी होगी क्योंकि नुकसान होने की संभावना अधिक रहेगी।
जोखिम वाले कार्यों को करने से बचना होगा। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से बचें।
17 फरवरी से 4 मार्च तक का समय थोड़ा मुश्किल है।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण अशुभ साबित हो सकता है।
कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। धोखा मिलने की संभावना है।
पार्टनरशिप के कार्यों में विशेष रूप से सतर्क रहना होगा।
कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है जिससे आप परेशान रहेंगे।
कार्यस्थल पर आपको विवादों का सामना करना पड़ सकता है।
सतर्क रहें और धैर्य बनाए रखें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण कई तरह की परेशानियां लेकर आने वाला है।
इस दौरान लड़ाई-झगड़ा होने की काफी संभावना है। ऐसे में आपको सतर्क रहना होगा।
कोर्ट कचहरी के चक्कर लग सकते हैं। किसी खास से धोखा मिल सकता है।
बिजनेस में जोखिम लेने से बचना होगा। नौकरी बदलने के लिए भी समय उचित नहीं है।
होली तक सावधान रहें फिर इसके बाद का समय अनुकूल है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)