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"प्री-ऑर्डर और पब्लिश्ड बुक एक नहीं", जनरल नरवणे की किताब पर 24 घंटे में पेंगुइन का दूसरा बड़ा बयान

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Feb 10, 2026 06:51 pm IST,  Updated : Feb 10, 2026 07:04 pm IST

पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की किताब पर मचे बवाल के बीच प्रकाशक ने 24 घंटे के भीतर अपना दूसरा स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी पेंग्विन ने साफ कर दिया है कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।

जनरल एमएम नरवणे की बुक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी'- India TV Hindi
जनरल एमएम नरवणे की बुक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' Image Source : PTI

पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की किताब- फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny) को लेकर मचे घमासान के बीच प्रकाशक 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' ने 24 घंटे के भीतर अपना दूसरा स्पष्टीकरण जारी किया है। पेंगुइन ने साफ किया है कि जिस किताब को लेकर विवाद हो रहा है, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।

अपने नवीनतम बयान में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि घोषित पुस्तक, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध पुस्तक और प्रकाशित पुस्तक एक समान नहीं हैं। कंपनी ने फिर से दोहराया कि किसी किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है, जब वह औपचारिक रूप से जारी हो जाती है और सभी खुदरा प्लेटफॉर्मों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाती है।

अपने पहले बयान में पेंगुइन ने क्या कहा?

इससे पहले पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने बयान में कहा था कि उसके पास पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं, और साफ किया कि अनधिकृत कॉपियों के सर्कुलेशन की खबरों के बीच यह किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। बाजार में मौजूद कॉपियां अवैध हैं और यह कॉपी राइट का उल्लंघन है।

मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

कंपनी का यह स्पष्टीकरण तब आया जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक FIR दर्ज की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइटों पर इस किताब की एक PDF कॉपी (टाइप-सेट कॉपी) बिना अनुमति के सर्कुलेट हो रही है। चूंकि जनरल नरवणे सेना प्रमुख रह चुके हैं, इसलिए उनकी किताब के पांडुलिपि को रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलना अनिवार्य है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह कोई डेटा लीक या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

संसद में इस किताब का हुआ जिक्र 

इस मुद्दे ने पिछले हफ्ते राजनीतिक रूप ले लिया जब राहुल गांधी ने संसद में इस किताब का जिक्र किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि ऐसी किसी किताब का वर्तमान में कोई अस्तित्व नहीं है, क्योंकि उसे मंजूरी नहीं मिली है। इस मुद्दे पर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बजट सत्र के शेष समय के लिए आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।

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