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Rajat Sharma's Blog | टी-20 पर पाकिस्तान का यू-टर्न: लौट के बुद्धू घर को आए

 Published : Feb 10, 2026 05:14 pm IST,  Updated : Feb 10, 2026 05:14 pm IST

पाकिस्तान अगर मैच खेलने से इनकार करता, तो 2300 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ता, जिसे भरना पाकिस्तान के बस में नहीं था, इसीलिए पाकिस्तान ने ऐन वक्त पर फैसला बदला।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यू-टर्न किया, भारत के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप ग्रुप मैच कोलम्बो में रविवार को खेलने का फैसला किया। सोमवार देर रात पाकिस्तान सरकार ने एक बयान जारी करके अपने क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ मैच खेलने की इजाज़त दे दी। बयान में कहा गया कि “कई मुल्कों से बातचीत और मित्र देशों के अनुरोध के बाद पाकिस्तान सरकार अपनी क्रिकेट टीम को निर्देश देती है कि वो 15 फरवरी को कोलम्बो मे भारत के खिलाफ मैच खेले।” सोमवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनूरा कुमार दिशानायके ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ को फोन करके आग्रह किया था कि वह भारत के खिलाफ मैच खेलने का निर्देश देकर गतिरोध को दूर करें। निर्देश जारी होने के बाद दिशानायके ने शहबाज़ शरीफ को सोशल मीडिया पर बधाई दी।

अपने संदेश में श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीलंका 1996 विश्व कप भूल नहीं सकता जब भारत और पाकिस्तान ने श्रीलंका में सुरक्षा चिंताओं के बावजूद मैच खेला था। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच बहुत महत्वपूर्ण रहेगा, लेकिन भारत को हराना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा। गांगुली ने कहा कि टीम इंडिया में उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं- अभिषेक शर्मा, जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन। पाकिस्तान को मनाने के लिए ICC के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाज़ा लाहौर गये और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी से लम्बी बातचीत की। पाकिस्तान को यू-टर्न करना पड़ा क्योंकि अगर वह भारत के खिलाफ यह मैच न खेलता, तो मैच अंक गंवाता। उससे भी बड़ा झटका था, पाकिस्तान को मैच न खेलने पर जुर्माना झेलना पड़ता।

पाकिस्तान के पुराने क्रिकेटर भी अपने बोर्ड से ये मांग कर रहे थे कि भारत के साथ मैच के बायकॉट का फ़ैसला PCB और पाकिस्तान की हुकूमत वापस ले। दरअसल पाकिस्तान ये नहीं दिखाना चाहता था कि वह ICC से डरकर या किसी के दबाव में आकर मैच खेलने को राज़ी हो रहा है। PCB ने अपनी लाज बचाने के लिए ICC के सामने तीन मांगे रखी। एक, बांग्लादेश को मुआवज़ा दिया जाए, दो, भारत के साथ द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय सीरीज़ शुरू की जाए और तीन, ICC से जो पैसे पाकिस्तान बोर्ड को मिलते हैं, उसे बढ़ाया जाए। मेरे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक़, ICC ने पाकिस्तान की सारी मांगें ख़ारिज कर दी।

दरअसल पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के साथ मैच के बहिष्कार का ऐलान किया था। इसके लिए ICC के mutual participating agreement वाले clause का सहारा लिया था, जिसके मुताबिक़, कोई भी क्रिकेट बोर्ड force majeure (मजोर) यानी अचानक किसी घटना की वजह से या फिर अपनी सरकार के हुक्म पर कोई भी मैच खेलने से मना कर सकता है। PCB ने इसी clause का इस्तेमाल करके भारत से मैच खेलने से इनकार किया था जिसके बाद ICC के उपाध्यक्ष पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष को समझाने लाहौर पहुंचे। पाकिस्तान ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ अमीनुल इस्लाम को भी लाहौर बुला लिया।

गद्दाफ़ी स्टेडियम में ICC, PCB और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चीफ ने पाकिस्तान से कहा कि वह भारत के बायकॉट का अपना फ़ैसला वापस ले ले क्योंकि बांग्लादेश को इसी बात से तसल्ली है कि PCB ने उसका नैतिक रूप से समर्थन किया, अब बात बढ़ाने की ज़रूरत नहीं। ICC के अलावा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने भी PCB पर दबाव डाला। श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड ने PCB को अपने एहसान याद दिलाए, कहा जब कोई देश पाकिस्तान जाने को तैयार नहीं था, तब श्रीलंका ने अपनी टीम भेजी थी। इसलिए अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी उस एहसान का बदला चुकाए और  टी-20 विश्व कप के साझा मेजबान श्रीलंका की मदद करे।

चूंकि मामला अरबों डॉलर का था, ब्रॉडकास्ट rights से लेकर ad revenue से होने वाली कमाई अरबों डालर में है, इसलिए श्रीलंका और UAE ने कहा कि अगर पाकिस्तान, भारत से नहीं खेलेगा तो नुक़सान सबका होगा। असल में विश्व कप में भारत के साथ न खेलने का पाकिस्तान का फैसला राजनीतिक था, इसके लिए बहाना बनाया गया। कार्रवाई  बांग्लादेश के खिलाफ हुई, तो पाकिस्तान को मिर्ची क्यों लगी? पाकिस्तान पर UAE और श्रीलंका दोनों ने दबाव डाला। पाकिस्तान अगर मैच खेलने से इनकार करता, तो 2300 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ता, जिसे भरना पाकिस्तान के बस में नहीं था, इसीलिए पाकिस्तान ने ऐन वक्त पर फैसला बदला। कहावत है, ‘लौट के बुद्धू घर को आए’। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 09 फरवरी, 2026 का पूरा एपिसोड

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