अब तो यह स्पष्ट हो गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दिल में योगी के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। उन्हें लगता है कि अगर योगी चाहते तो अफसरों को मांफी मांगने के लिए कह सकते थे लेकिन योगी ने ऐसा नहीं किया, इसीलिए अब वो बार-बार सनातन और हिन्दुत्व की बात करके योगी को निशाना बना रहे हैं।
UGC के नियमों में बदलाव को लेकर पिछले एक हफ्ते से लगातार देश भर में विरोध हो रहा था, सियासी बयानबाजी जारी थी, सुप्रीम कोर्ट की इस पर पूरी नजर थी।
बड़ी संख्या में विदेशी गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ जाते हैं। वे सनातन के प्रति अपनी आस्था का भाव लेकर आते हैं। इसीलिए पाबंदी उन लोगों पर लगानी चाहिए, जो परंपराओं का अपमान करते हैं। सब पर पाबंदी लगाना ठीक नहीं होगा।
मोदी ने तमिलनाडु और केरल में सनातन की बात की, दोनों जगह भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। दोनों राज्यों में सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन सवाल ये है कि केरल और तमिलनाडु में बीजेपी का बेस बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है। इसके बाद भी मोदी के आत्मविश्वास का राज़ क्या है?
ट्रंप की ये बात तो सही है कि संयुक्त राष्ट्र अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार ये सवाल उठाया है लेकिन इस बात की क्या गारंटी है कि बोर्ड ऑफ पीस दुनिया की उन समस्याओं को सुलझाएगा, जो संयुक्त राष्ट्र नहीं सुलझा सका?
भारत को एक बार फिर बताना पड़ा कि वो जमाना चला गया जब World Bank और IMF भारत को नीचा दिखाकर निकल जाते थे। अश्विनी वैष्णव ने याद दिलाया कि अब भारत आंख में आंख डालकर बात करता है।
सोशल मीडिया पर trolling किस कदर डरा देती है, मैनेजर दीपक की आत्महत्या उसका नया उदाहरण है। अपने आप को influencer कहने वाले कई लोग परेशानी की दुकान बन गए हैं।
ये मौत एक हादसा नहीं, हत्या है। अफसरों की लापरवाही की इंतेहा है। पानी से भरा गड्ढा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, न barricades लगाए, न warning sign लगाया। लोगों ने शिकायत की तो Noida के ACEO ने डांटकर भगा दिया, सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा।
महाराष्ट्र के चुनाव में बीजेपी की इतनी बड़ी जीत पहले कभी नहीं हुई। लेकिन ये भी सच है कि महाराष्ट्र के चुनाव में देवेंद्र फडणवीस को हराने के लिए इतनी बड़ी कोशिश भी कभी नहीं हुई। क्या-क्या नहीं किया गया ?
जनता रोज़ रोज़ मराठी बनाम गैर-मराठी, हिंदू बनाम मुसलमान, भारत बनाम पाकिस्तान जैसे मसलों पर नेताओं की बकझक से तंग आ चुकी है। उसे सुशासन चाहिए, ज़मीनी स्तर पर अपने शहर में स्वच्छ पानी, साफ सुथरी सड़क, अच्छे स्कूल, सुगम परिवहन जैसी सुविधाएं चाहिए।
शुरुआती जांच में पता लगा कि पंचायत चुनाव के दौरान गांव वालों ने उम्मीदवारों से कहा था कि जो गांव में आवारा कुत्तों को मरवाएगा, उसी को वोट देंगे। सभी उम्मीदवारों ने स्ट्रे डॉग्स को खत्म करने का वादा किया था।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार कमाल का नज़ारा देखने को मिला। न किसी ने विचारधारा की परवाह की, न गठबंधन की। न दोस्ती काम आई, न दुश्मनी।
ठगी के शिकार पति-पत्नी इंजीनियर और डॉक्टर हैं। दोनों ने दुनिया देखी है, फिर भी पहचान नहीं पाए कि पुलिस नकली थी, कोर्ट नकली था, कागज़ात फर्जी थे, केस झूठा था, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती। फिर भी साइबर अपराधियों ने उन्हें डराकर 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने खुलासा किया कि ट्रंप चाहते थे कि मोदी उन्हें कॉल करें, व्यापार समझौते के ड्राफ्ट को मंजूर करने की बात कहें, इसके बाद अमेरिका समझौते का ऐलान करेगा, लेकिन मोदी ने ये शर्त नहीं मानी। ट्रंप को फोन नहीं किया इसीलिए समझौता नहीं हो पाया।
हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा गुरुवार को तब हुआ जब बंगाल के कोयला घोटाले और हवाला लेनदेन मामलों में ED ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल में एक साथ 10 जगहों पर छापे मारे। ED की एक टीम कोलकाता में प्रतीक जैन के घर पर पहुंच गई। वह तृणमूल कांग्रेस की IT सेल का भी काम-काज देखते हैं।
तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ ने पुलिस और MCD की टीम पर हमला बोला। भीड़ में हर शख्स के हाथ में पत्थर थे, लाठियां थी, भीड़ ने बैरीकेड्स तोड़े। करीब आधे घंटे तक पूरे इलाके में पथराव हुआ।
JNU में जो हुआ वो अर्बन नक्सलों का सोचा-समझा हमला है। ये लोग बड़े चालाक हैं। इंकलाब का नारा लगाते हैं, मोदी और RSS का नाम लेकर शोर मचाते हैं लेकिन जिस फैसले को ये चुनौती दे रहे हैं वो फैसला सुप्रीम कोर्ट का है। JNU में लगे ये नारे हमारे संविधान और सुप्रीम कोर्ट को चुनौती है।
असल में ट्रंप की धमकी के पीछे दो वजहें हैं। एक, अमेरिका की नज़र ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधन पर हैं, दूसरा, ट्रंप को लगता है कि उत्तरी ध्रुव पर रूस और चीन का दबदबा है, यूरोपीय देश इन दोनों का मुक़ाबला नहीं कर सकते, ऐसे में अगर ग्रीनलैंड अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा तो रूस-चीन का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
एंजेल चकमा के पिता तरुण चकमा ने बताया कि उन्होंने खुद वारदात वाली जगह पर जाकर CCTV फुटेज खोजा, पुलिस को सबूत दिखाए, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने से इंकार कर दिया।
तारिक़ रहमान भले ही कट्टरपंथियों से सदभाव की अपील कर रहे हों लेकिन बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों का हंगामा जारी है। ढाका में कट्टरपंथियों मे उस्मान हादी के हत्यारों को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर फिर हंगामा किया।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़